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नहीं रहे नीरज प्रजापति! CAA समर्थक जुलूस पर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ चीखते भीड़ के हमले में हुए थे घायल

झारखंड के लोहरदगा में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में निकाले गए जुलसू पर हुई हिंसा में घायल नीरज राम प्रजापति की राँची के रिम्स में मौत हो गई।

झारखंड के लोहरदगा में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में निकाले गए जुलसू पर हुई हिंसा में घायल नीरज राम प्रजापति की सोमवार (जनवरी 27, 2019) को राँची के रिम्स में मौत हो गई। रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा था। लोहरदगा में हुई हिंसा में घायल होने के बाद उन्हें राँची के ऑर्किड अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहाँ से 2 दिन के इलाज के बाद ब्रेन हेमरेज व स्थिति गंभीर बताकर उसे रिम्स रेफर कर दिया गया था। CAA के समर्थन में निकाले गए तिरंगा यात्रा के दौरान पत्थरबाजी में नीरज घायल हो गए थे।

उल्लेखनीय है कि लोहरदगा में 23 जनवरी को CAA के समर्थन में हुई रैली में 15 से 20 हज़ार लोग शामिल थे, फिर भी मुस्लिम मोहल्ले में जुलूस के पहुँचते ही इतनी तेज़ पत्थरबाजी हुई कि लोगों में भगदड़ मच गई। CAA के समर्थन में निकली रैली पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने ईंट-पत्थर से हमला किया। पेट्रोल बम फेंके। हिंदुओ के घरों और वाहनों के साथ महिलाओं तक को निशाना बनाया गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सीएए के समर्थन में जुलूस निकाल रहे लोगों पर अमलाटोली चौक के पास पथराव किया गया। उपद्रवियों ने दो दर्जन से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। कई दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ भी की। स्थिति जल्द ही बेकाबू हो गई। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हवा में कई राउंड गोलियाँ चलाईं। स्थिति तनावपूर्ण होने की खबर पाकर जिले की उपायुक्त आकांक्षा रंजन और पुलिस कप्तान प्रियदर्शी आलोक पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुॅंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

इसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। बता दें कि कर्फ्यू लगने के बाद भी शुक्रवार (जनवरी 4, 2020) को कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई। तनावग्रस्त क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही लोगों को अफ़वाहों से दूर रहने की अपील सोशल मीडिया के ज़रिए की जा रही है। वहीं, शहर में प्रवेश करने वाले तमाम रास्तों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध दिखने वाले शख़्स से कड़ाई के पूछताछ करने का दौर भी जारी है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को कर्फ्यू में 2 घंटे की छूट दी गई थी। इस दौरान लोगों की भीड़ आवश्यक सामानों की खरीददारी के लिए दुकान की दौड़ पड़ी। रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ ने यह बता दिया कि कर्फ्यू से लोग काफी परेशान हैं। वहीं बच्चों के लिए दूध, वृद्धों के लिए आवश्यक दवा, रोजमर्रा के लिए सब्जी, चावल व दाल खरीदने के लिए सैकड़ों लोग विभिन्न दुकानों में जमा हो गए। सबसे अधिक भीड़ दवा दुकान में देखी गई। दो घंटे की ढील के बाद फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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