रिव्यू पिटिशन से पहले 29 अक्टूबर 2019 को जेल प्रशासन ने सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाने पर दोषियों को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था। इनमें से केवल विनय शर्मा ने ही इसके लिए अर्जी दाखिल की थी।
शिवसेना का एक नेता राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के साथ होने की बात करता है। 10 मिनट के बाद कॉन्ग्रेस के 'वरिष्ठ नेता' राहुल गाँधी इस बिल के हर समर्थक को देश तोड़ने वाला बताते हैं। इसके 10 मिनट के बाद शिवसेना का सबसे बड़ा नेता मतलब उद्धव ठाकरे पलटी मारते हुए कहते हैं कि चीज़ें स्पष्ट नहीं, इसलिए...
“निर्भया कांड को लगभग 7 साल हो चुके हैं। अभी तक न्याय नहीं मिला। मुझे शर्म और बेबसी महसूस होती है। गुनहगारों को सजा उसी दिन मिलनी चाहिए जिस दिन उन्होंने देश की बेटी के आबरू को तार-तार किया था।”
प्रॉपर्टी डीलर के बेटे ने घर में घुसकर की बलात्कार की कोशिश। नाकाम रहने पर केरोसिन डाल जलाया। लड़की की हालत नाजुक। पीड़ित पक्ष पर समझौता करने के लिए बनाया जा रहा दबाव।
पाकिस्तान से आए इन हिंदुओं को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी। उनकी शरणार्थी पहचान खत्म हो जाएगी। धार्मिक उन्माद के कारण इन हिंदुओं को अपना देश छोड़ना पड़ा था।
नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किए जाने से पहले, उस दौरान और अब आधी रात को वहाँ से पास होने के बाद से लेकर अब तक आम जनता के मन में इस विधेयक को लेकर जबरन भ्रम फैलाया जा रहा है। यह काम कर रहे हैं कुछ वामपंथी पत्रकार, कुछ मीडिया गिरोह और उनके चेले-चपाड़े।
अधीर रंजन चौधरी का बयान अरुचिपूर्ण तो है ही तथ्यों और आँकड़ों के आलोक में भी कहीं नहीं टिकता। जिस भारत को वो 'रेप इन इंडिया' बता रहे हैं, वह एक सालाना सर्वे में 117 देशों में बलात्कार के मामलों में 94वें नंबर पर है।
"वहाँ हालात सामान्य है। मैं कॉन्ग्रेस की स्थिति को सामान्य नहीं बना सकता, क्योंकि उसने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद खून-खराबे की भविष्यवाणी की थी। मगर उस तरह का कुछ नहीं हुआ, एक गोली नहीं चली।"
ट्वीट को लेकर इमरान खान ट्रोल भी हो रहे हैं। ट्विटर यूजर उन्हें तरह-तरह के सुझाव दे रहे हैं। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने लिखा है, "भारत में डर महसूस करने वालों के लिए पाकिस्तान को भी इसी तरह का बिल लाना चाहिए।"
तिहाड़ जेल प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता, क्योंकि संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल को फाँसी पर लटकाने से पहले भी उसके वजन की डमी को फाँसी देकर ट्रायल किया गया था। उस ट्रायल में रस्सी टूट गई थी। चूँकि इस बार मामला चार कैदियों का है, इसी वजह से...