जब अजित भाजपा के साथ चले गए थे तो सुप्रिया ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा था कि पवार परिवार और पार्टी बॅंट गई है। उन्होंने लिखा था, “आप जीवन में किस पर भरोसा करोगे। इतना ठगा हुआ कभी महसूस नहीं हुआ। उनका बचाव किया, उन्हें प्यार दिया। देखो बदले में क्या मिला मुझे।”
2005 से अब तक इसरो ने 8 कॉर्टोसैट सैटेलाइट लॉन्च करने में सफलता प्राप्त की है। ये रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट होते हैं, जो अर्थ मैपिंग को बेहतर तरीके से अंजाम देते हैं।
फडणवीस के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने निराशा जताई। उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने इन पंक्तियों के माध्यम से अपने दिल की बात रखी है, "पलट के आऊँगी शाखों पे खुशबुएँ लेकर, खिज़ाँ की ज़द में हूँ मौसम ज़रा बदलने दे!"
हैरान करने वाली बात ये है कि मृतका का पति भी एक पत्रकार ही है। दोनों ने अपनी मर्जी से (लव मैरेज) निकाह किया था। लेकिन, कुछ ही दिनों में रिश्तों में खटास आ गई।
थॉमस ने अपनी शिकायत में कहा है कि वायनाड और संसद से राहुल गाँधी की अनुपस्थिति ध्यान खींचती है। राहुल के लोकसभा क्षेत्र का नागरिक एवं वोटर होने के कारण वे सोशल मीडिया में उनके गायब होने की ख़बरों से चिंतित हैं।
अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि FIR शिकायतकर्ता के शब्दों में होनी चाहिए। भारी-भरकम शब्द की जगह आसान भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। लोगों को ये पता होना चाहिए कि क्या लिखा गया है।
बागी विधायक मुख्यमंत्री के गृह जिले के हैं। इन्हें कैप्टन के खेमे का भी माना जाता है। ऐसे में इनकी बगावत ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी है। राज्य के अन्य हिस्सों और अन्य खेमों के विधायकों की नाराजगी को लेकर भी पार्टी सशंकित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Republic Summit 2019 को सम्बोधित करते हुए न केवल अपनी सरकार के 5.5 सालों की उपलब्धियाँ गिनाईं बल्कि विरोधियों को भी करारा जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधियों की चलती तो देश में जीएसटी कभी लागू ही न हो पाता।
शशि थरूर ने विशेष अदालत से एक अपील की। उन्होंने कहा कि कोर्ट दिल्ली पुलिस को इस बात का निर्देश दे कि वह उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर द्वारा किए गए ट्वीट को रिकॉर्ड के रूप में ले। इस मामले को लेकर थरूर का कहना है कि मौत से पहले सुनंदा की मानसिक स्थिति कैसी थी, यह जाँचने के लिए उनका ट्विटर एकाउंट देखना बेहद ज़रूरी है।
"मैंने 21 साल तक बिना पद, प्रतिष्ठा या टिकट की माँग के रात-दिन पार्टी के लिए काम किया। लेकिन जब शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कॉन्ग्रेस से हाथ मिला लिया है तो... ज़मीर इजाजत नहीं दे रहा है। आधे-अधूरे मन से कोई काम नहीं करना चाहता, इसलिए इस्तीफ़ा दे रहा हूँ।"