छात्रों की संख्या लगभग 8,000 है। कुल ख़र्च 556 करोड़ है। कैलकुलेट करने पर पता चलता है कि जेएनयू हर एक छात्र पर सालाना 6.95 लाख रुपए ख़र्च करता है। क्या इसके कुछ सार्थक परिणाम निकल कर आते हैं? ये जानने के लिए रिसर्च और प्लेसमेंट के आँकड़ों पर गौर कीजिए।
बहावलपुर के रेगिस्तानी इलाके में पकड़े गए दो भारतीय। एक हैदराबाद का सॉफ्टेवयर इंजीनियर तो दूसरा मध्य प्रदेश का किसान। किसान ने बताया कि बॉर्डर देखने की इच्छा थी, गलती से सीमा पार कर गया।
चर्च की सामुदायिक सेवाओं के दौरान सहयोग करने तीन युवकों ने पादरियों पर लगाए यौन शोषण के आरोप। इनका शोषण अस्सी के दशक में किया गया जब उनकी उम्र 10 से 14 साल के बीच थी।
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इस वक़्त तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई थीं लेकिन इस साल ये आँकड़ा उससे कम होकर 544 पर जा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि सभी 20,400 स्कूल खुले हैं। उन्होंने कहा कि 50,000 से भी अधिक (99.48%) छात्रों ने 11वीं की परीक्षा दी है।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ़ कर दिया है कि यह निर्णय किसी राजनेता का नहीं बल्कि गृह मंत्रालय का है और नियमानुसार ही हुआ है। नड्डा ने कहा कि किसी भी नेता के 'थ्रेट परसेप्शन' को देखते हुए मंत्रालय तय प्रोटोकॉल के तहत निर्णय लेता है।
तीन लाख रुपए से कम की सालाना आय वाले लोगों को अब हज के लिए 60 हजार रुपए की मदद दी जाएगी। हज कैंप में रिपोर्ट करने से लेकर उनकी रवानगी तक रहने और खाने का भी इंतजाम सरकार करेगी।
राउत की मानें तो गुरुवार दोपहर तक महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा इतंजार करने की ज़रूरत नहीं है, सरकार गठन में बस 5-6 दिन और लगेंगे।
अदालत में जुनैद ने खुद को शांतिप्रिय बताया। लेकिन अदालत ने उसे 'आतंकी मकसद के साथ हत्या की योजना बनाने व एक आतंकवादी कृत्य के लिए उकसाने' का दोषी पाया। उसने कई बार कहा था कि विल्डर्स की हत्या एक 'अच्छी' बात होगी।
महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। आज राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संबंध में रिपोर्ट रखेंगे। एनसीपी और कॉन्ग्रेस के नेताओं के बीच होने वाली बैठक पर भी सबकी नजरें टिकी है। शिवसेना ने अपने सभी विधायकों को आधार कार्ड के साथ मुंबई तलब किया है।
इस संशोधन के बाद ट्रस्ट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के होने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। 2023 में मौजूदा न्यास का कार्यकाल समाप्त होने पर नए सदस्यों में शहीदों के परिजन भी होंगे।