बच्ची की माँ का कहना है कि आरोपित मोहम्मद अनवर उन लोगों को धमकी दे रहा है और कह रहा है कि अगर उसके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया गया तो उसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.....
नीरव मोदी PNB से जुड़े दो अरब के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे हैं। नीरव को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहाँ उनके ख़िलाफ़ अगले साल मई में मुक़दमें की सुनवाई शुरू होगी।
अयोध्या मामले पर फैसला सुर्ख़ियों में रहने के कारण इस समय इसे सबसे महत्तवपूर्ण बताया जा रहा है। लेकिन इसके अलावा कुछ और ऐसे मामले हैं जिनकी सुनवाई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की थी......
शिवसेना सांसद संजय राउत का कहना है कि वो महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिल चुके हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के रामदास अठावले भी राज्यपाल से मिल चुके हैं। अगर अब बीजेपी नेता राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा करने जा रहे हैं, तो उन्हें सरकार बनानी चाहिए।
दरवाजा खटखटाते देख, ज़मीर खान के बड़े भाई अनवर खान ने तैश में आकर सुनीता के सिर पर पत्थर पटक दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इसके बाद अनवर ने जेरीकेन में रखे पेट्रोल को सुनीता पर डालकर आग लगा दी......
अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी सांसदों (NDA) और मंत्रियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने को कहा है। इसके साथ ही जैसे-जैसे फैसले की घड़ी नज़दीक आ रही हैं वैसे-वैसे कानून व्यवस्था कायम रखने वाली एजेंसियाँ पूरी तरह से मुस्तैद हो रही हैं।
हिंसक लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की जिसमें पुलिस की कई गाड़ियाँ और एक दमकल की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गए। दंगाई इतने पर भी नहीं रुके, और 2 बाइकों को भी आग के हवाले कर के ही माने। उनमें से एक बाइक को तो मस्जिद के सामने ही आग लगाई गई।
"अगर सरकार से उन्हें परमिशन नहीं दी गई तो वह तय कार्यक्रम से एक दिन पहले आठ नवम्बर को वाघा स्थित भारत-पाक सीमा से पाकिस्तान जाएँगे, रात को गुरूद्वारे में ठहर कर अगले कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे और फिर अगले दिन गलियारे के ज़रिए भारत वापस आएँगे।"
इस बेंच का नेतृत्व और कोई नहीं, खुद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए एस ओका कर रहे थे। इसी बेंच ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या कारण है राज्य सरकार द्वारा पिछले चार साल से किए जा रहे आयोजन को रोकने का।
इसी साल की शुरुआत में कई नन महिलाओं द्वारा ईसाई मिशनरियों में होने वाले शारीरिक शोषण को लेकर कई खुलासे किए गए थे जिसके बाद खुद पोप फ्रांसिस ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि बहुत से बिशप-पादरियों ने कई नन महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया ।