कमलेश के 2015 में दिए एक बयान के चलते कई इस्लामिक संगठन उन्हें टारगेट कर रहे थे। माना भी यही जा रहा है कि कमलेश की हत्याके पीछे पैगम्बर पर उनके बयान से भड़के उन तमाम कट्टरपंथियों का हाथ है जो खुले-आम तिवारी का सर कलम करने की बात कर रहे थे।
ज़्यादा संभावना इस बात की है कि पुलिस को मामले में किसी भी 'एंगल' के सबूत अब तक न मिले हों, जिसमें कोई आश्चर्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि हत्या को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं। ऐसे में सबूत न मिलने को बहुत सम्भव है कि मीडिया में क्लीन चिट मिलने के रूप में दिखाया जा रहा है।
ट्विटर पर एक यूजर ने तो हिन्दुओं को धमकी देते हुए यहाँ तक कह दिया कि जिस तरह विकास यादव और कमलेश तिवारी की हत्या हुई अब वैसा ही अंजाम बाकी हिन्दुओं को भी भुगतना पड़ेगा। एनडीटीवी तो जैसे कमलेश तिवारी की इस नृशंस हत्या पर जश्न मानाने वालों की अगुवाई कर रहा है। अपने हर प्रयास में एनडीटीवी यही कोशिश करता दिख रहा है कि......
आरोपितों और तिवारी के बीच किसी मुस्लिम लड़की की हिन्दू लड़के से शादी की कोई बात चल रही थी। इसके बाद उन गुंडों ने नौकर सतेंद्र को 100 रुपए का नोट दिया और गोल्ड फ्लैक्स पाँच सिगरेट लाने को कहा। वो पैसे लेकर बगल की दुकान से सिगरेट लेने चला गया, शायद वो लोग मौक़ा ढूँढ़ रहे थे।
पूरी घटना में कहीं भी करवा चौथ का जिक्र न होने के बावजूद हेडलाइन में करवा चौथ लिखकर ये दिखाने का प्रयास किया गया कि जरूर किसी हिन्दू पति ने ही अपनी पत्नी के साथ ये घृणित अत्याचार किया होगा। जबकि सच्चाई ये है कि मोहम्मद शफीक की दो बीबियाँ थी, जिसके बीच लड़ाई हुई और इस बीच शफीक ने अपनी दूसरी बीबी मीना खातून की जीभ काट दी।
एडीजी ने बताया, "यह जोड़ी दूसरे देशों से अपने बैंक खातों में पैसा ट्रान्सफर करती थी और बाद में इसे वापस ले लेती थी। फ़हीम इस पैसे को आतंकी गतिविधियों के लिए दिल्ली ले गया था।"
रॉबर्ट वाड्रा के लिए लैंड डील करने वाले प्रॉपर्टी डीलर के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर जमीनों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रॉपर्टी डीलर के बीकानेर स्थित ठिकानों से आयकर विभाग की टीम ने 11 लाख रुपए कैश और लगभग 6 बोरियों में भरे जमीनों की रजिस्ट्री के कागजात बरामद किए हैं।