ब्रिटिश होने के बावजूद टली भारत की वास्तविकताओं को उस राजनीतिक दल से कहीं अधिक समझते हैं जिसने दशकों तक देश पर शासन किया है। जिस हकीकत को टली जैसे विदेशी समझ लेते हैं वह कॉन्ग्रेस क्यों नहीं समझ पाती है, ये पूरी तरह से समझ से परे है।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के और बसपा अध्यक्ष के गठबंधन तोड़ने के बाद से अखिलेश यादव के सामने अपनी पार्टी को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। हाल ही में कई राज्यसभा सदस्य सपा छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी ने लेनदेन से संबंधित कई कागजात, डिजिटल सबूत के साथ ही संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। इस साल के शुरुआत में केडी सिंह से संबंधित अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लिमिटेड कंपनी की 239 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी।
ED ने 2003 में खरीदी गई इन सम्पत्तियों को ज़ब्त इसलिए कर लिया था, क्योंकि उसे शक था कि इसके लिए विदेशी मुद्रा का उपयोग बिना RBI की पूर्वानुमति लिए किया गया है। किसी विदेशी द्वारा अचल सम्पत्ति खरीदे जाने के मामले में यह इजाजत ज़रूरी है।
पुलिस ने बताया कि एक पादरी की कब्र को एक गुट दूसरी जगह ले जाना चाहता था। चर्च के कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने इसका विरोध किया। विरोध करने वालों का नेतृत्व थॉमस पॉल रामबन कर रहे थे। जो लोग कब्र दूसरी जगह ले जाना चाहते थे वे जैकोबाइट्स समूह के थे।
सीमा से सटे बांग्लादेशी जिलों की गरीब महिलाओं को दलाल लालच देकर अपने जाल में फॉंसते हैं। उन्हें गैर कानूनी तरीके से सीमा पार कराकर लाया जाता है। फिर भी इन महिलाओं को कोलकाता, मुंबई, गोवा सहित देश के अन्य हिस्सों में कोठों पर बेच दिया जाता है।
एसआईटी का दावा है कि अश्लील वार्तालाप और मसाज सहित लगभग सभी आरो चिन्मयानन्द ने कबूल कर लिए हैं। इनके बारे में विस्तार से बताने से मना किया है, क्योंकि उसे अपने किए पर शर्म आ रही है। SIT परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जाँच कर रही है।
अमेरिका से शरण मॉंगने वाली इस्माइल फिलहाल अपनी बहन के घर ब्रुकलीन में रह रहीं हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों से बचकर वह अमेरिका आने में कैसे सफल हुईं। केवल इतना बताया है कि वो हवाई जहाज से अमेरिका नहीं पहुँचीं।
"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
इसी तरह की एक घटना में थालास्सेरी पॉक्सो अदालत ने कैथोलिक पादरी रॉबिन वडक्कमचेरी को नाबालिग लड़की के साथ रेप करने और उसे कैद रखने के आरोप में 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही उस पर 3 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।