पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रशिया टुडे को दिए इंटरव्यू में स्वीकारा है कि 1980 में अफगानिस्तान में जिहाद की आग फ़ैलाने वाले मुजाहिदीनों को पैसा भले CIA से मिला हो, लेकिन उन्हें खाद-पानी देकर सींचने का काम इस्लामाबाद ने ही किया था।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के 2.5 किलोमीटर लम्बे राजपथ के दोनों ओर के 4 वर्ग किलोमीटर में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए निविदा आमंत्रित की है।
"अगर इमरान खान को समर्थन मिला होता तो अब तक ये सबको पता चल चुका होता, क्योंकि वो UNHRC की कोई गुप्त बैठक नहीं थी। पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देशों के जॉइंट स्टेटमेंट की जो सूची वो जारी करने वाले हैं, वैसी कोई सूची अभी तक हमें नहीं मिली है।"
जब किसान रिश्वत की राशि एकट्ठा करने में सफल नहीं हुआ तो वह अपनी भैंस लेकर तहसील कार्यालय पहुँच गया और रिश्वत के रूपयों के बदले नायब तहसीलदार को भैंस देने की बात कही। हालाँकि, नायाब तहसीलदार ने इसे किसान की पब्लिसिटी के लिए की गई हरकत बताया है।
गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिक बच्ची को आरोपित 3 जुलाई 2015 को उसके घर से रात में जब बच्ची अपनी दादी के पास सो रही थी, तभी उसे घर से उठाकर ले गए और कार से किशनगढ़बास में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
अदालत ने सदर बाजार से AAP विधायक सोमदत्त को मारपीट के मामले में 6 महीने के लिए तिहाड़ जेल भेजा है। सदर विधानसभा से विधायक सोमदत्त की याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया।
हाल ही में कई कॉन्ग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़ने के संदर्भ में सोनिया ने कहा- "लोग समय आने पर अपना रंग दिखा ही देते हैं, यह अवसरवादी चरित्र को दर्शाता है। हम जल्द ही तीन राज्यों में चुनावों का सामना करने जा रहे हैं। हालात चुनौतीपूर्ण हैं और अगर हम सिर्फ पार्टी हित को ऊपर रखें तो....."
तलवार से गर्दन कटने के कारण मोहम्मद सयूम का खून काफी बह चुका था, जिसके कारण उसकी रास्ते में ही मौत हो गई थी। वहीं इस घटना के संबंध में मृतक सयूम के पुत्र मोहम्मद फिरोज ने बताया कि हर साल की तरह थवई मोहल्ले से मोहर्रम के दिन जुलूस निकलता था और मोहम्मद सयूम भी इसी जुलूस में शामिल थे।
वकील रहे पी चिदंबरम का यह मामला भारतीय कानून के इतिहास में संभवत चुनिंदा मामलों में से एक होगा, जहाँ खुद आरोपित ही न्यायिक हिरासत के बजाय संस्थागत हिरासत (CBI/ED) में जाना चाहते हैं। जानकारों की मानें तो तिहाड़ जेल में चिदंबरम को वो सुख-सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं, जो...