Homeदेश-समाजकमलनाथ के MP में रिश्वत के बदले अधिकारी को भैंस देने पहुँचा किसान

कमलनाथ के MP में रिश्वत के बदले अधिकारी को भैंस देने पहुँचा किसान

इस मामले में सिरोंज SDM संजय जैन ने बताया कि अधिकारी पर किसान द्वारा आरोप लगाया गया है जिसको प्रमाणित करने की बात किसान से कही गई। इस घटना के बाद किसान ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है और कार्रवाई की माँग की है।

कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ के मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के सिरौंज में एक किसान कथित तौर पर रिश्वत माँगे जाने से इतना परेशान हुआ कि अपनी भैंस तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार की गाड़ी से जाकर बाँध आया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राम पथरिया निवासी भूपत रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जमीन के बँटवारे को लेकर विगत लगभग 7 माह से वह तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन नायब तहसीलदार द्वारा बँटवारा करने के लिए 25 हजार रूपयों की रिश्वत की माँग की जा रही है।

इसके बाद जब किसान रिश्वत की राशि एकट्ठा करने में सफल नहीं हुआ तो वह अपनी भैंस लेकर तहसील कार्यालय पहुँच गया और रिश्वत के रूपयों के बदले नायब तहसीलदार को भैंस देने की बात कही। हालाँकि, नायाब तहसीलदार ने इसे किसान की पब्लिसिटी के लिए की गई हरकत बताया है।

इस मामले में सिरोंज SDM संजय जैन ने बताया कि अधिकारी पर किसान द्वारा आरोप लगाया गया है जिसको प्रमाणित करने की बात किसान से कही गई। वहीं, दूसरी ओर नायब तहसीलदार, सिद्धार्थ सिंघला ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि किसान के बँटवारे का प्रकरण है, जिसके तहत अभी पटवारी द्वारा वारिजों की जानकारी आना बाकी है और प्रकरण की सुनवाई पेशी 18 सितम्बर को होनी है।

इस घटना के बाद किसान ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है और कार्रवाई की माँग की है। फिर वे अपनी भैंस लेकर चले गए।

वीडियो इस लिंक पर देख सकते हैं

https://www.facebook.com/watch/Camera24-Vidisha-103755004305251/
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -