आज़म खान के साथ पूर्व सीओ आलेहसन, शिया बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी, ज़फर फारूकी सहित आठ लोगों पर FIR दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है इस केस में 20 से 25 अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए गए हैं।
NRC को पूरे देश में लागू करने पर मदनी ने कहा, "मेरी इच्छा होती है मैं इसे सारे मुल्क में करने की माँग करूँ, जिससे पता चल जाएगा कि घुसपैठिए कितने हैं। जो असली हैं, उन पर भी दाग लगाया जाता है, तो पता चल जाएगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।"
"किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत मासिक पेंशन दिया जाएगा, जिसके लिए 18 से 40 उम्र तक के किसान खुद को इस स्कीम में पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद 60 की उम्र पार करते ही उन्हें 3000 रुपए हर महीने मिलने लगेंगे।"
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कबूल किया है कि इमरान खान की सरकार अब आतंकियों को मुख्यधारा में शामिल कराएगी। क्योंकि ये आतंकी उनके कहने पर अफगानिस्तान में लड़े थे और ये उनकी जिम्मेदारी है कि अब वो उन आतंकियों को नौकरी और पैसे दें।
जब से इसकी शुरुआत हुई थी, तभी से हिन्दू-विरोधी प्रोपेगंडा के सबसे मुखर स्वरों में इसकी गिनती होने लगी थी। जिस भी अपराध में आरोपित हिन्दू हो और पीड़ित गैर-हिन्दू, वह अपने-आप 'Hate Crime' हो जाता था लेकिन इसी के उलट वाले मामलों में लीपापोती करते थे।
"सलाउद्दीन कुरैशी और आशिक इलाही पक्ष में बच्चों के विवाद से तनातनी हुई थी। हालाँकि, उस समय समझौता हो गया था, लेकिन रात 10 बजे पूर्व सांसद के भाई राशिद अखलाक, बेटा साकिब, भतीजा यासीर, सलाउद्दीन और नौशाद ने आशिक की दुकान पर जाकर मारपीट की और तोड़फोड़ करने लगे।
प्रेरकों का मुख्य कार्य कॉन्ग्रेस के संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना होगा। कॉन्ग्रेस पार्टी में सिर्फ उन्हें प्रेरक बनाया जाएगा जिनके पास संगठन का अनुभव होगा और वह कार्यकर्ताओं की जरूरत को समझते हों और उन्हें सम्मान देते हों।
एजेंसी ने खुलासा करते हुए बताया था कि कोड वर्ड्स POK के नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए FM ट्रांसमिशन के जरिए भेजे जाते हैं। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88) MHz, लश्कर-ए-तैयबा के लिए (ए3) और अल बद्र के लिए (डी 9) बैंड्स रखे गए हैं।
गौतम गंभीर को जीप से बाँधे जाने का यह मीम तथ्यात्मक रूप से झूठा है। झूठ तो यह भी है कि PM मोदी चोर हैं, क्योंकि किसी अदालत में भी ऐसा कोई मामला नहीं। तो इन दोनों मामलों में शेहला के साथ कानून क्या करे?