सोमवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे शंकर को एहसास हुआ कि रघुवीर अभी भी अपने फोन पर पबजी खेल रहा है। वे उसके कमरे में गए और फोन छीन लिया। इसके बाद रघुवीर अपने पिता पर झपटा और हसियां से हमला कर उनके टुकड़े कर दिए।
रामपुर के डीएम ने बताया कि अखिलेश यादव की तरफ से धरने की अनुमति नहीं माँगी गई थी। फिलहाल यहाँ पर धारा 144 लागू है। 50 से अधिक लोग गाँधी समाधि के पास इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। यह नियम सभी पर लागू होता है, अखिलेश यादव पर भी।
चोटी पर तिरंगा लहराने के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर” और उसी वक़्त से यह हिंदुस्तानी फ़ौज का मंत्र बन गया। बत्रा के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।
गुलशन की मौत के बाद नईम अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुँचा और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद भीड़ डॉक्टर को खींचकर सड़क पर ले आई और बुरी तरह पीटने लगी। भीड़ ने डॉक्टर को पुलिस की जीप से भी खींच लिया।
अदालत ने कहा कि वैशाली पर अत्याचार किए जा रहे थे, जिसके कारण उसने जीने की उम्मीद खो दी थी। उसकी सास उससे दुर्व्यवहार करती थी और उसका पति चुप्पी साधे रखता था, जो वैशाली के लिए शारीरिक और मानसिक यातना देना जैसा था।
घटना शनिवार रात की है। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोगों ने एक खास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। इस पर उस इलाके के लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद हुई झड़प में करीब 10 लोग घायल हो गए।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करते हुए राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश के गठन का ऐलान किया था।
आईबी ने राजस्थान के पास सीमा पर अतिरिक्त पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के बारे में सचेत किया है। बताया जा रहा है कि आर्टिकल 370 हटाए जाने की भनक नहीं लगने से आईएसआई पर बहुत ज्यादा दबाव है। यह एजेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी विफलता मानी जा रही है।
वेस्ट दिल्ली के डीसीपी दीपक पुरोहित ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद रजी, कासिम अंसारी, बालकिशन, मैमून अहमद, तसलीम और फरदीन सिद्दिकी उर्फ शम्मी के रूप में हुई है। मुख्य आरोपित मोहम्मद रजी, एक ऑनलाइन फूड डिलिवरी ऐप बेस्ड कंपनी में काम करता है।
बिजन असम के दरांग जिले के मंगलदाई थाना क्षेत्र के निवासी थे और 6 सितंबर को वह इलाहाबाद आए थे। सुसाइड नोट में उन्होंने पीएम मोदी से अपने गायक बेटे की मदद की गुहार लगाई है। जिला प्रशासन से गुजारिश की कि उनका शव परिवार को न सौंपकर प्रयागराज में ही दफना दिया जाए।