Monday, October 18, 2021
Homeराजनीतिआजम खान के लिए रामपुर नहीं पहुॅंचे अखिलेश यादव, विरोध देख दौरा टाला

आजम खान के लिए रामपुर नहीं पहुॅंचे अखिलेश यादव, विरोध देख दौरा टाला

अखिलेश यादव की यात्रा को लेकर कॉन्ग्रेस ने भी विरोध जताया था। यूपी कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष फैसल खान लाला ने अखिलेश पर दंगा कराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपुर का अपना दौरा टाल दिया है। मुकदमों में उलझे पार्टी के भू-माफिया सांसद आजम खान के समर्थन में अखिलेश ने नौ सितंबर को रामपुर पहुॅंचने का ऐलान किया था। जिला प्रशासन ने रामपुर में धारा 144 लागू कर रखी है। कॉन्ग्रेस भी अखिलेश के इस दौरे का विरोध कर रही थी।

अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अपनी यात्रा 2 दिन के लिए स्थगित कर दी है। अब वे 13-14 को रामपुर जाएँगे।

प्रशासन ने मोहर्रम और गणेश चतुर्थी को देखते हुए रामपुर में धारा 144 को लागू किया है। डीएम ने अखिलेश यादव के दौरे के बारे में बात करते हुए कहा कि अखिलेश यादव की तरफ से धरने की अनुमति नहीं माँगी गई थी। फिलहाल यहाँ पर धारा 144 लागू है। 50 से अधिक लोग गाँधी समाधि के पास इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। इसलिए काफी लोगों के परमिशन को रद्द कर दिए गए हैं। यह नियम सभी पर लागू होता है, अखिलेश यादव पर भी।

दौरा रद्द होने के बाद अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अखिलेश का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को सारा कार्यक्रम दे दिया था। मगर डीएम ने मोहर्रम का हवाला दे हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने जिलाधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा वह सरकार को खुश करने में जुटे हैं। डीएम एक्सटेंशन चाहते हैं। वह यूपी में ही पोस्टिंग चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रामपुर में भाजपा-कॉन्ग्रेस और प्रशासन एक हैं।

गौरतलब है कि, अखिलेश यादव की यात्रा को लेकर कॉन्ग्रेस ने भी विरोध जताया था। यूपी कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष फैसल खान लाला ने इस बाबत सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक पत्र लिखकर अखिलेश पर दंगा कराने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की माँग की थी। उन्होंने आरोप लगया था कि अखिलेश यादव के इस दौरे से रामपुर सहित पूरे प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की साजिश है। बता दें कि, आजम खान के खिलाफ जमीन हड़पने, लूट, चोरी, डकैती, गैर इरादतन हत्या, भड़काऊ भाषण और हिंसा फैलाने जैसे तकरीबन 80 मुकदमे दर्ज हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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