वीडियो में मियांदाद बोल रहे हैं, वे कह रहे हैं, "कश्मीरी भाइयों फ़िक्र ना करो, हम आपके साथ हैं। मेरे पास बल्ला भी है छक्का मारा था अब ये (तलवार) चलेगा। जब बल्ले से छक्का मार सकता हूँ तो इससे (तलवार) से इंसान क्यों नहीं मार सकता।"
सेक्स वर्कर से अयूब की मुलाक़ात जीबी रोड पर चार साल पहले हुई थी। अयूब ने महिला से सेक्स वर्कर का पेशा छोड़ निक़ाह करने को कहा। महिला यह बात जानती थी कि वो पहले से शादीशुदा है इसलिए उसने इनकार कर दिया।
तीन तलाक को जुर्म बनाने वाले मोदी सरकार के बिल का समर्थन करने वाले खान ने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया था। इस मामले में राजीव गॉंधी की सरकार ने मुस्लिम नेताओं के दबाव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कानून संसद से पास करवाया था।
केंद्रीय मंत्री अरविन्द सावंत ने NRC की तारीफ़ करते हुए इसे मुंबई में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम बताया। उन्होंने कहा, "NRC से पता चलेगा कि असम में बांग्लादेश के कितने लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। इसे मुंबई में करना बहुत ज़रूरी है।"
जलील शेख पत्नी फातिमा को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर कर रहा था। मना करने पर जलील ने 5 अगस्त को उसकी हत्या कर दी। शव को कंबल में लपेट प्लास्टिक की थैली में रख 'बारात घर' के पास फेंक दिया। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल भाग गया।
भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ने वाले दिग्विजय सिंह ने इससे पहले कहा था कि जितने भी हिंदू आतंकी पकड़े गए हैं वे आरएसएस से जुड़े हैं। उन्होंने कहा था कि हिंदू आतंकवादी संघ से आते हैं, क्योंकि संघ की विचारधारा नफरत फैलाने वाली है।
जलगाँव के पूर्व नगर आयुक्त प्रवीण गेडाम ने फरवरी 2006 में इस संबंध में शिकायत दर्ज की थी। जलगाँव के बाहरी इलाके में बनाए जाने वाले 5,000 घरों में से केवल 1,500 घरों का ही निर्माण पूरा हो पाया था। फैसला सुनाने के बाद सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कालेधन के खिलाफ लड़ाई में इसे काफी महत्वपूर्ण कदम बताया है। दोनों देशों के बीच का यह आदान-प्रदान AEOI के तहत होगा। इससे बड़ी-बड़ी 'मछलियों' की काली कमाई का खुलासा होने की उम्मीद है।
आज बांग्लादेशी घुसपैठियों की सबसे बड़ी पैरोकार ममता बनर्जी ने एक समय (2005 में) बांग्लादेशी घुसपैठियों पर चर्चा कराने की माँग को लेकर तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी पर कागज़ फेंके थे। महीना यही था अगस्त का और तारीख थी चार।
जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस ए. एस. बोपन्ना ने करीब 5 घंटे तक छात्रा का इंतजार किया। पहली सुनवाई दिन में 1.15 मिनट पर हुई, जब पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से लड़की की लोकेशन माँगी और पूछा कि कितने समय में उसे सुप्रीम कोर्ट लाया जा सकता है?