इमरान ख़ान सऊदी क्राउन प्रिंस के स्पेशल प्लेन से अमेरिका पहुँचे। फिर भी इमरान ख़ान के लिए रेड कार्पेट नहीं बिछा। वहीं पीएम मोदी के लिए यह तो बिछा ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता एक साथ किसी रैली को सम्बोधित कर रहे हैं। आप भी बनिए इस ऐतिहासिक पल का गवाह। 'Howdy Modi' में अमेरिका के कई नेता भी शामिल हो रहे हैं। ह्यूस्टन में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
"बँटवारा मज़हब के आधार पर हुआ। गाँधी और अम्बेडकर नहीं चाहते थे कि भारत के टुकड़े हों, लेकिन कुछ सांप्रदायिक नेताओं ने देश का विभाजन कर दिया। मजहब के आधार पर गठित पाकिस्तान की यह हालत हो गई कि 1971 आते-आते बांग्लादेश उससे अलग हो गया।"
समाजवादी पार्टी विधायक नाहिद हसन पर धोखाधड़ी, जानलेवा हमला करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अभद्रता करने समेत कई मामले दर्ज हैं। विधायक के मोहल्ले को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। डीएम और एसपी ने शहर में पैदल मार्च किया। दिल्ली और लखनऊ भी पुलिस टीमें भेजी गई हैं।
अदालत ने यह भी कहा कि केवल मुस्लिमों के दो से अधिक बच्चे होने का आधार भी ग़लत है। अदालत ने कहा कि इस मामले में 21 याचिकाकर्ताओं में से सभी ने दो से अधिक बच्चे होने की बात स्वीकार की है। जबकि इनमें केवल एक मुस्लिम है, वह भी एक महिला।
"यहाँ तब्लीगी जमात के बेहद "सख्त और रूढ़िवादी" भी बड़े आराम से रहते हैं। यहाँ सूफी परंपरा का केंद्र भी है, जहाँ लोग मकबरे की पूजा करते हैं और कव्वालियाँ गाते हैं। भारत में सहिष्णुता की भावना है।"
"एसडीओ साहब भला गाड़ी से क्यों उतरेंगे? वो तो बाबू हैं, साहब हैं। बहुत बड़े आदमी हैं। बाढ़ पीड़ितों से मैंने आपकी काफ़ी तारीफ सुनी है। कोशिश कीजिए कि मुझे ये दोबारा सुनने को न मिले। पीड़ितों के लिए कैम्प लगाइए नहीं तो आपके दफ़्तर के बाहर धरना दूँगा। ।"
मामला सामने आने के बाद से विधायक गायब हैं। उनके मोबाइल का अंतिम लोकेशन झारखंड में मिलने के कारण माना जा रहा है कि वे बिहार के बाहर छिपे हुए हैं। विधायक के करीबियों पर किशोरी को धमकाने के आरोप भी हैं।
सरपंच असलम के सामने एक विधवा (हिन्दू) और एक पुरुष (मुस्लिम) को रस्सी से बाँधा जाता है। छड़ी से पिटाई की जाती है, गंदे-गंदे शब्द बोले जाते हैं, अवैध संबंधों का ताना दिया जाता है। इसके बाद जबरन शादी कराई जाती है और विधवा का धर्म परिवर्तन कराने के लिए गाय का मांस भी खिलाया जाता है।
जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। देश के पहले क़ानून मंत्री अम्बेडकर भी इसके लिए राज़ी नहीं थे।