इससे पहले शर्मिष्ठा दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता बनाई गई थीं। इसी तरह अंशुल मीरा कुमार का भी प्रमोशन हुआ है। वह मीरा कुमार के बेटे हैं। मीरा कुमार पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं।
"प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हैं। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें।"
रामपुर से सपा सांसद 'भू-माफिया' आजम खान के खिलाफ सरकारी और किसानों की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही बिजली चोरी, अतिक्रमण, भैंस चोरी तथा अभ्रद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लगभग 80 मामले दर्ज हैं।
तेहरान ने इस्लामाबाद को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी तीसरे देश के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है। पाकिस्तान ने एक मौखिक नोट के जरिए जब इस मुद्दे को उठाया तो तेहरान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
ऐसा नहीं फ़िरोज़ गाँधी कॉन्ग्रेसी नहीं थे या राजनीति में उनकी हिस्सेदारी नहीं थी। गाँधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरेली के पहले सांसद वही थे। फिर, बात-बात में नेहरू, इंदिरा और राजीव का नाम लेने वाले कॉन्ग्रेसी और उनका अगुआ शीर्ष परिवार फिरोज का नाम लेने से क्यों डरता है?
फ़िरोज़ गाँधी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले अग्रणी नेताओं में से एक थे। नेहरू युग में एलआईसी कम्पनी में हुए घोटाले के ख़िलाफ़ फ़िरोज़ द्वारा आवाज़ उठाए जाने के कारण तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णमाचारी को इस्तीफा देना पड़ गया था।
आरोपित ओबेद अफरीदी फोटोग्राफर है और गुनबीन को अच्छी तरह से जानता है। इसी का फायदा उठाकर वो खुद को गुनबीन बताकर अलग-अलग वीआईपी नंबरों से मॉडल्स व लड़कियों को फोन कर उनसे इंडस्ट्री में सेटल करवाने के नाम पर अश्लील और न्यूड फोटो माँगता था।
सोमवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे शंकर को एहसास हुआ कि रघुवीर अभी भी अपने फोन पर पबजी खेल रहा है। वे उसके कमरे में गए और फोन छीन लिया। इसके बाद रघुवीर अपने पिता पर झपटा और हसियां से हमला कर उनके टुकड़े कर दिए।
रामपुर के डीएम ने बताया कि अखिलेश यादव की तरफ से धरने की अनुमति नहीं माँगी गई थी। फिलहाल यहाँ पर धारा 144 लागू है। 50 से अधिक लोग गाँधी समाधि के पास इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। यह नियम सभी पर लागू होता है, अखिलेश यादव पर भी।
चोटी पर तिरंगा लहराने के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर” और उसी वक़्त से यह हिंदुस्तानी फ़ौज का मंत्र बन गया। बत्रा के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।