IL&FS के घोटाले की जाँच के समय कोहिनूर मामला भी प्रकाश में आया था। IL&FS ने कथित तौर पर कोहिनूर सीटीएनएल को ₹225 करोड़ का कर्ज दिया, लेकिन उसमें IL&FS को ₹135 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा।
स्वतंत्रता दिवस के जश्न में निकाले गए इस परेड में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के समर्थन में बैनर भी दिखे। बैनर में आर्टिकल 370 का हटना कश्मीर के लिए अच्छा बताया गया है। बैनर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए धन्यवाद भी लिखा हुआ है।
दो बीएसएनएल कर्मचारियों के निलंबन के बाद यह सवाल फिर से उठने लगा है कि पाकिस्तान परस्त अलगाववादियों का नेक्सस कितना बड़ा है और इसमें किस-किस स्तर के लोग शामिल हैं? रणनीतिक मामलों के जानकार दिव्य कुमार सोती ने निलंबित कर्मचारियों के 'इस्लामिक लिंक' की जाँच कराने की माँग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दो हफ्ता का समय देने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल वकील को चिकित्सा खर्च के लिए 5 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
एक ट्विटर यूजर ने शाह फैसल की ओर इशारा करते हुए पूछा कि अगर शेहला के 'तुर्की बॉस' को गिरफ़्तार किया जा सकता है तो फिर उसे क्यों नहीं? शेहला फिलहाल आईएएस से नेता बने शाह फैसल के साथ जम्मू-कश्मीर की राजनीति में स्थापित होने की कोशिश कर रही हैं।
शब्बू के घर के बाहर बिस्किट का रैपर पड़ा था। जिसे देखकर शब्बू और उसकी माँ नसीमा साजिद के भतीजे पर भड़क उठे। जब साजिद की माँ ने इसका विरोध किया तो शब्बू उनके साथ गाली-गलौच पर उतर आया।
थम्स का कहना है कि उन्होंने ‘बोलसोनारो विश्वास और सम्मान के लायक क्यों हैं’, इसका जवाब इसलिए नहीं दिया क्योंकि वो किसी चीज के लायक नहीं है। थम्स ने 188 पेज खाली छोड़ने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वो चाहते हैं कि लोग विवादित नेता के बारे में अपनी खुद की राय बताएँ।
2017 में गोवा की अदालत से आरोप तय हो जाने के बाद तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ किया था। हाई कोर्ट ने भी आरोप खारिज करने की उनकी याचिका नामंजूर कर दी थी।
यास्मीन की बड़ी बेटी ने बताया कि जब वो ट्यूशन से घर लौटी तो उसने देखा कि आग में जल रही उसकी अम्मी को बड़ी अम्मी, कौसर और निदा ने पकड़ रखा था। पीड़िता की तीनों बच्चियों ने मिलकर किसी तरह आग बुझाई।
शेहला के दावों को खारिज करते हुए सेना ने कहा है कि असामाजिक तत्व और संगठन लोगों को भड़काने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर कहा है कि अफवाह फैलाने वाले लोगों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।