सड़क पर नमाज़ अता करने से यातायात तो बाधित होता ही है, साथ में पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इन सब को ध्यान में रखते हुए एसएसपी अजय साहनी ने उलेमाओं से मिलकर सड़क पर नमाज़ अता न करने का आग्रह किया था।
मैन वर्सेज वाइल्ड ने सुपर बाउल को पीछे छोड़ दिया है। रिकॉर्ड की बात करें तो अब तक इस शो को लेकर 3.6 बिलियन (360 करोड़) लोग चर्चा कर चुके हैं और यह लगातार जारी है। इस तरह इस शो ने सुपर बाउल शो को पीछे छोड़ दिया, जिसकी रेटिंग 3.4 बिलियन थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने राहुल की चाय की दुकान से गुटखा लिया। लेकिन उसके पैसे दुकानदार को नहीं दिए। जब राहुल ने गुटखे के पैसे माँगे तो इस पर सिपाही को काफ़ी गुस्सा आ गया। उसने उसे वहीं बड़ी बेरहमी से पीटा और फिर अधमरी हालत में थाने ले जाकर...
“मुस्लिम समाज में एक से अधिक पत्नी रखने की धार्मिक ‘छूट’ है। इसलिए ‘हम पाँच हमारे पच्चीस’ की जनसंख्या बढ़ाने वाली जो फैक्ट्री शुरू थी, उस फैक्ट्री पर ‘तालाबंदी’ घोषित कर दी गई।”
मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज के सहायक प्रोफ़ेसर सैम्युल टेनिसन ने 34 छात्राओं का यौन शोषण इस साल जनवरी में मैसूर, बेंगलुरु और कूर्ग के शैक्षणिक दौरे के दौरान किया। कॉलेज द्वारा आंतरिक जाँच समिति की रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए न्यायाधीश वैद्यनाथन ने...
वामपंथियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, स्क्रीनशॉट्स में इसकी भी नज़ीर है। कविता कृष्णन पूर्व-सैन्यकर्मी कपिल काक के बारे में बात करतीं नज़र आतीं हैं। वायुसेना के पूर्व उप-प्रमुख यह वामपंथी प्रोपेगंडा फैलाते नज़र आते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर की आशाओं पर खरा उतरने में असफलता पाई है, न कि कश्मीर ने भारत की
ऐसी भेदभाव पूर्ण प्रथा के बाहर आने के बाद भी किसी भी लिबरल गैंग का इस पर कोई विरोध या प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। शायद आए भी नहीं क्योंकि यहाँ बीजेपी नेता जहाँ इस आदेश का विरोध कर रहे हैं तो वहीं लिबरल गैंग बीजेपी विरोध में घोर जातिवादी प्रथा का मौन समर्थन।
आलिया अब्दुल्ला ने बोलने के संवैधानिक अधिकार को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार को घाटी के राजनेताओं से अपनी भाषा बोलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और उनके (घाटी के नेताओं) विचारों का सम्मान करना चाहिए।
युवाओं ने पक्का घर बनाने के लिए ‘वन चेक-वन साइन’ नाम से अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से युवाओं ने 11 लाख रुपए जुटाए। इसमें से 10 लाख रुपए से पक्का मकान तैयार किया गया और बचे हुए 1 लाख रुपए से हुतात्मा मोहन सिंह की प्रतिमा बनवाई गई।