रिपोर्ट

पत्रकारिता है या दोमुँहापन? स्टॉकिंग का दावा और दूसरों के नंबर पब्लिक कर अपनी ट्रोल आर्मी से ट्रोल करवाना

क्या बरखा दत्त को कॉल कर देना ही उसकी गलती थी? क्या बरखा दत्त किसी मार्केटिंग कंपनी के कॉल आने पर भी उनके नंबर शेयर करती है? और सबसे बड़ी बात, किसी का पर्सनल नंबर क्यों ट्विटर पर शेयर किया? क्या एक की गलती, गलती है! अपराध है! आपकी नहीं?

बांग्ला फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ की स्क्रीनिंग रद्द, ममता के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन

फ़िल्म निर्देशक अनिक दत्ता ने कहा कि सिनेमाघरों से फ़िल्म हटाने के संबंध में उन्हें किसी भी तरह की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई, सभी (हॉल मालिकों) ने उनसे कहा कि निर्देश उच्च अधिकारियों के द्वारा दिए गए थे।

पुलवामा के वीर: जन्मदिन मनाकर लौटे ही थे नसीर अहमद, किसे पता था यह आख़िरी होगा

14 फरवरी को इस आत्मघाती हमले का शिकार हुए नसीर एक दिन पहले ही यानि 13 फरवरी को अपना 46 वाँ जन्मदिन मनाकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे।

Exclusive ट्रेन यात्रा: जब रेल मंत्री ने दिल खोलकर की बातें

कुछ मीडिया संस्थानों ने जितना इस विकास यात्रा को कवर नहीं किया था, उससे ज़्यादा ये साबित करने में लग गए कि ट्रेन अपनी पहली यात्रा में ही ख़राब हो गई। व्यक्तिगत रूप से ख़ार खाए कुछ तथाकथित पत्रकार बड़ी चालाकी से मवेशी हिट की घटना को छिपा गए।

जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर गाज़ी के बाद घाटी में टेरर-60 का ख़ात्मा सेना का अगला लक्ष्य

घाटी में आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। इतना ही नहीं सरहद के पार पाकिस्तान की सेना भी इन आतंकियों को भारतीय सेना के कोप से बचाने में जुट गई है।

‘रोज मरते हैं लोग’ – पुलवामा पर थेथर मल्लिका दुआ का कॉमेंट, लोगों ने जम कर लगाई ‘लताड़’

पुलवामा हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का अपमान करते हुए यौन शोषण के आरोपित पत्रकार विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने कहा कि रोज कई वजहों से लोग मरते हैं। मल्लिका दुआ अक़्सर ऐसी थेथरई करती रहती हैं।

पुलवामा के वीर: 20 साल देश सेवा के बाद भी था संजय का जज़्बा बरक़रार, ख़ुद बढ़वाई थी नौकरी के 5 साल

संजय के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 13 और 10 साल है। उनके परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। जिसमें से एक भाई को पहले ही परिवार एक्सिडेंट में खो चुका है।

पुलवामा के वीर: नितिन राठौर की पत्नी ने कहा ‘बेटे को करूँगी सेना को समर्पित’

नितिन की मौत की ख़बर सुनने के बाद गाँव के लोगों ने अपने घरों में खाना नहीं बनाया। लोगों में एक तरफ जहाँ गुस्सा था वहीं सरकार को पाकिस्तान के ख़िलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की माँगें भी शामिल थी।

पुलवामा के वीर: कुलविंदर की अंतिम यात्रा में पहुँचीं मंगेतर, नवंबर में तय थी शादी

कुलविंदर की मंगनी गांव लोदीपुर वासी अमनदीप कौर से लगभग ढाई साल पहले हुई थी। आठ नवंबर को शादी होनी तय थी। कुलविंदर के पार्थिव शरीर को देख अमनदीप कौर कई बार बेहोश हुई।

पुलवामा के वीर: छिन गया सबसे छोटा बेटा, मज़दूर पिता ने कहा ‘ख़ून का बदला ख़ून’

अश्वनी कुमार घर के एकमात्र कमाऊ पूत थे। उनके पिता ने मज़दूरी कर बेटों को पढ़ाया- लिखाया। कॉलेज के समय से ही एनसीसी में रहे अश्वनी काफ़ी पहले से ही सीआरपीएफ में भर्ती होना चाहते थे। इसी वर्ष उनकी शादी भी तय होने वाली थी।

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