संभल के नखासा में बिजली चोरी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के दौरान इस मंदिर का पता चला। जिलाधिकारी ने इस संबंध में जानकारी लेकर दोबारा से मंदिर के पट खुलवाए।
पीड़ित डॉक्टर की माँ ने कहा, "हमने सोचा था कि सीबीआई तेजी से जाँच करेगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। लेकिन अब जब आरोपितों को जमानत मिल गई है, ऐसा लग रहा है कि हमारे ज्यूडिशियरी सिस्टम ने हमारा साथ छोड़ दिया।"
सुचीर बालाजी की उनके दोस्तों से भी कोई बातचीत नहीं होती थी। ऐसे में उनके करीबी उनकी सेहत को लेकर चिंतित हुए और उन्होंने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी।