मध्य-पूर्व के अलावा भारत में भी हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। जो भी हिंदू कोरोना वायरस के अत्यधिक तेजी से फैलने में तबलीगी जमात की भूमिका की ओर इशारा करता है, उसे निशाना बनाया जाता है।
अब समीर खान कोरोना से संक्रमित हो अस्पताल में पड़ा है। नए वीडियो में वह अपने टिकटॉक फ़ॉलोवर्स से खुद के लिए दुआ करने की अपील करता हुआ दिखाई पड़ता है। अस्पताल में शूट किए गए इस वीडियो में समीर खान मरीजों वाले कपड़े पहने हुए है और खुद के कोरोना से संक्रमित होने की बात कर रहा है।
”आप हिंदुओं को इस्लामोफोबिया का शिकार कहते हो, मुस्लिमों के लिए नफरत फैलाने वाला बोलते हो। मेरे जैसा इंसान जिसने इंसान को इंसान समझा, धर्म के रंग से नही तोला, पर आए दिन आप लोग जो मुझपे झुंड बनाकर सोशल मीडिया पर धमकियाँ देते हो उससे मुझे मुसलमानो से डर लगने लगा है।”
साकिब तंजील नाम के एक युवक ने जहीर खान की फोटो पर कमेंट करते हुए लिखा, “तुम मरकज के साथ क्यों नहीं खड़े होते हो?” साद खान जैसे कई अन्य यूजर्स ने साकिब तंजील के कमेंट का समर्थन किया। वहीं असद पठान ने कहा, “अंधभक्तों की तरह तुम भी दिया जला रहे हो।”
कैफ ने अपनी पत्नी के साथ 9 मिनट के लिए मोमबत्ती जलाते हुए साफ किया कि वे ये सब उन योद्धाओं के लिए कर रहे हैं, जो हमारी जान बचाने के लिए अपनी जान को खतरे में डाले हुए हैं। मगर, इस्लामी कट्टरपंथियों को इससे क्या? वे तो यहाँ भी कैफ को मजहब का पाठ पढ़ाने लगे, अपशब्द बोलने लगे।
सोशल मीडिया समेत ऑपइंडिया के भी कुछ सुझाव हैं कि आने वाले समय में 'नौ बजे नौ मिनट' के नाम पर कैसी दर्द भरी कहानियाँ आ सकती हैं। हमने ये सुझाव वामपंथियों की कम होती क्रिएटिविटी के कारण उन पर तरस खाकर दिए हैं।
ट्विट्टर यूजर्स का कहना है की टिकटॉक ऐप जिहाद और अफवाहों का मुख्य स्रोत बन चुका है, इसलिए इसे बंद करना जरूरी है। ट्विटर पर टिकटॉक को जिहादी बताया जा रहा है और इसे बैन करने की माँग की जा रही है।
CPIM के कट्टर नेता ने व्हाट्सएप ग्रुप मेम्बर को सिर्फ इस कारण ग्रुप से बाहर कर दिया क्योंकि उन्होंने दूरदर्शन पर प्रसरित हो रहे रामायण धारावाहिक की सफलता की खबर शेयर की थी।
जिसने वोट दिया अपना टॉर्च जलाए, माँग कर जलाए लेकिन हमारे लिबरल और सेकुलर लोगों का क्या? हमारी तो अभी से ही सुलगने लगी है, और पाँच तारीख तक तो हवा का बहाव सही रहा तो आग भी जल जाएगी।
"मरकज के जमातियों का टेस्ट हुआ, उसमें किसी को भी कोरोना वायरस नहीं पाया गया और मीडिया कह रही है कि कोरोना वायरस तबलीगी जमातियों ने फैलाया है। कैसे? समझ रहे हो आप?"