फ़ैक्ट चेक: कॉन्ग्रेस ने तिरंगे को बनाया पार्टी का झंडा, पकड़े जाने पर हटाया ट्वीट

सभी धर्मों द्वारा एक पसंदीदा राजनीतिक पार्टी के रूप में ख़ुद को चित्रित करने के लिए, गुजरात युवा कॉन्गेस ने तिरंगे को पार्टी के झंडे के साथ बदलने के लिए डिजिटल रूप से सहारा लिया।

गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस ने तिरंगे की जगह अपनी पार्टी के फोटोशॉप्ड झंडे का इस्तेमाल किया, इस इमेज को ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करने के बाद हटा दिया गया है।

सभी धर्मों द्वारा एक पसंदीदा राजनीतिक पार्टी के रूप में ख़ुद को चित्रित करने के लिए, गुजरात युवा कॉन्गेस ने तिरंगे को पार्टी के झंडे के साथ बदलने के लिए डिजिटल रूप से सहारा लिया। Social Media hoax slayer नामक एक वेबसाइट ने इस बात को उजागर किया कि गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल के ज़रिए एक इमेज अपलोड की गई, जिसमें तिरंगे को अपनी पार्टी के झंडे के साथ बदलने का काम किया।


गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस द्वारा किया गया ट्वीट, जिसे अब डिलीट कर दिया गया

ट्वीट में कॉन्ग्रेस ने कहा था कि यह केवल कॉन्ग्रेस है जो हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई को एक साथ रख सकती है। इमेज में, विभिन्न धर्मों के पाँच पुरुषों को कॉन्ग्रेस पार्टी के झंडे पकड़े हुए सड़क पर चलते हुए दिखाया गया।

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हालाँकि, Social Media hoax slayer ने अपनी ख़बर में ख़ुलासा किया था कि इमेज को डिजिटल रूप से तिरंगे के स्थान पर कॉन्ग्रेस के झंडे के साथ बदला गया।

सच यह है कि इस इमेज एक जैन संत मुनि लोकेश द्वारा 26 जनवरी 2018 को 69वें गणतंत्र दिवस पर भारतीयों को शुभकामनाएँ देने के लिए शेयर की गई थी। कॉन्ग्रेस ने उसी इमेज को बदलकर तिरंगे की जगह उसे अपनी पार्टी का झंडा बना दिया। धर्मनिरपेक्षता का संदेश देने के लिए यो लोग झंडा लेकर भारत-पाकिस्तान सीमा पर चले गए थे।

सच्चाई सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए या माफ़ी माँगे अपने आधिकारिक ट्विटर हैंंडल से इस ट्वीट को हटा लिया।

कॉन्ग्रेस से पहले, समाजवादी पार्टी ने भी इसी इमेज का इस्तेमाल करके तिरंगे की जगह समाजवादी पार्टी का झंडा लगाया था।

हालाँकि, समाजवादी पार्टी के नेता ने अभी तक इस इमेज को नहीं हटाया है।

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