Thursday, April 25, 2024
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गाय संबंधी हिंसा पर शशि थरूर के झूठ का पर्दाफ़ाश, ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी ने लिया था इंटरव्यू

मुख्यधारा की मीडिया द्वारा तीव्र गति से इस फ़ेक न्यूज़ को फैलाया गया और जल्द ही बीबीसी एवं न्यूयॉर्क टाइम्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों को भी इसकी सूचना दी गई

कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के अपने नये साल की शुरुआत एक ट्रोल से हुई। इस ट्रोल के पीछे उनका वो साक्षात्कार था जो उन्होंने Gulfnews को दिया। बता दें कि इस साक्षात्कार में वो कुछ ऐसा कह गए जिससे उनके झूठ का पर्दाफ़ाश हो गया।

साल 2015 में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 57 दिनों के रहस्यमय अवकाश को ‘विपश्यना’ के रूप में संदर्भित करने के अलावा, थरूर को भारत में गाय संबंधी हिंसा के बारे में झूठ बोलते हुए भी पकड़ा गया था।

इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट

पत्रकार और आदत से लाचार ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी ने लिया था साक्षात्कार

ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी द्वारा लिए गए इस साक्षात्कार में शशि थरूर को यह दावा करते पाया गया कि साल 2014 के बाद से स्वतंत्र भारत में गाय के प्रति 97% हिंसा हुई। जिसके लिए इस जानकारी का स्रोत वो गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गृह मंत्रालय को मानते थे।

जानकारी के मुताबिक, उन्हें दोनों ही पहलुओं पर झूठ बोलते पाया गया। वास्तव में उनका यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित था, जिसके लिए IndiaSpend को दोषी करार दिया गया था, जो हिंदू-विरोधी प्रचार फैलाने के लिए गलत आँकड़ों का इस्तेमाल करनेवाली वेबसाइट है।

‘97%’ से संबंधित यह संदिग्ध डेटा पुलिस रिकॉर्ड को देखकर नहीं, बल्कि कुछ कीवर्ड के साथ Google पर सर्च करने पर संकलित किया गया था! इससे भी बदतर तो यह था कि उन्होंने केवल अंग्रेज़ी भाषा के मीडिया से चिपके रहने का फ़ैसला किया और यह कहते हुए गर्व महसूस किया कि हिंदी मीडिया के माध्यम से एक “सरसरी निगाह” के ज़रिये उन्हीं घटनाओं को दिखाने के लिए “प्रदर्शित” किया गया।

बीबीसी और न्यूयॉर्क टाइम्स को भी मिली फ़र्ज़ी जानकारी

मुख्यधारा की मीडिया द्वारा तीव्र गति से इस फ़ेक न्यूज़ को चर्चित किया गया और जल्द ही बीबीसी एवं न्यूयॉर्क टाइम्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों को भी इसकी सूचना दी गई। हमने 2014 के चुनावों से पहले गाय से संबंधित अपराधों की कमी पर IndiaSpend की फ़र्जी रिपोर्ट को व्यवस्थित रूप से ध्वस्त कर दिया था।

थरूर का दूसरा दावा था कि यह जानकारी राजनाथ सिंह के गृह मंत्रालय द्वारा दी गई, जो कि पूरी तरह से ग़लत साबित हुआ। वास्तव में, IndiaSpend की बहुत-सी रिपोर्ट जिसमें इसे विचित्र और तथ्यात्मक रूप से ग़लत दावे का उल्लेख किया गया, गलत ही है क्योंकि गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो गाय संबंधी अपराध रिकॉर्ड एकत्र नहीं करता।

इसलिए, न केवल एक कॉन्ग्रेस नेता (कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा) ने झूठ बोला, बल्कि भ्रम पैदा करने वाले इस आँकड़े को साक्षात्कारकर्ता स्वाति चतुर्वेदी द्वारा ठीक भी नहीं किया गया, जो कि निंदनीय है।

कॉन्ग्रेस के पास BJP को बदनाम करने के अलावा कोई काम नहीं

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब शशि थरूर या स्वाति चतुर्वेदी द्वारा झूठ बोला गया हो, ये इससे पहले भी ऐसे भ्रामक काम करते रहे हैं।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को ढाल देने की अपनी कोशिश में, शशि थरूर ने फ़्रांसीसी राष्ट्रपति के साक्षात्कार के बारे में भी झूठ बोला था। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करने के लिए एक इस्लामवादी वेबसाइट से एक फ़र्जी ख़बर भी साझा की थी।

साहित्यिक चोरी की आरोपित स्वाति चतुर्वेदी नियमित रूप से फ़र्जी ख़बरें फैलाने का काम करती हैं। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा एक के बाद एक इस तरह के झूठे दावे ये साबित करते हैं कि जैसे पार्टी के आलाकमान के पास मोदी सरकार को बदनाम करने के अलावा और कोई काम न हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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