Friday, May 7, 2021
Home फ़ैक्ट चेक मधुर भंडारकर ने नसीरुद्दीन के 'डर' को नकारा, मीडिया चला रही है फ़र्ज़ी ख़बर

मधुर भंडारकर ने नसीरुद्दीन के ‘डर’ को नकारा, मीडिया चला रही है फ़र्ज़ी ख़बर

ये सभी रिपोर्ट्स मधुर भंडारकर के कथन का विकृत स्वरूप हैं। भंडारकर ने नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन नहीं किया बल्कि सिर्फ उनकी अभिव्यक्ति के अधिकार का बचाव किया है।

कुछ दिन पहले ही अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक विवादित बयान देकर ‘असहिष्णुता’ की चर्चा को एकबार फिर चिंगारी दे दी है। उन्होंने कहा कि वो एक ऐसी परिस्थिति के बारे में चिंतित हैं जहाँ उनके बच्चों को उग्र भीड़ घेरकर उनसे पूछ रही है कि उनका धर्म हिन्दू है या मुस्लिम? उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समाज में ज़हर फ़ैल चुका है। मशहूर अभिनेता के बयान ने बहुत सारी प्रतिक्रियाओं को निमंत्रण दे दिया है। बॉलीवुड से भी बहुत से लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डायरेक्टर मधुर भंडारकर और आशुतोष राणा भी नसीरुद्दीन शाह के ‘समर्थन में खड़े हो गए हैं’। इंडियन एक्सप्रेस के एक लेख की हेडलाइन थी, ‘कानून और व्यवस्था पर शाह के बयान के बाद आशुतोष राणा, मधुर भंडारकर ने दिखाई एकजुटता’। जबकि ‘Quint’ ने लिखा कि आशुतोष राणा, मधुर भंडारकर और अन्य लोगों ने किया नसीरुद्दीन शाह का बचाव’। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मधुर भंडारकर ने नसीरुद्दीन शाह का बचाव किया। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने लिखा है कि ‘आशुतोष राणा, मधुर भंडारकर ने नसीरुद्दीन शाह के बयान का बचाव किया’।

लेकिन ये सभी रिपोर्ट्स मधुर भंडारकर के कथन का विकृत स्वरूप हैं। भंडारकर ने नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन नहीं किया बल्कि सिर्फ उनकी अभिव्यक्ति के अधिकार का बचाव किया है। भंडारकर ने लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान बयान दिया, जिसका विडियो ANI द्वारा यूट्यूब पर डाला गया है। विडियो में मधुर भंडारकर कह रहे हैं, “सबका अपना-अपना मत है और सबको अभिव्यक्ति का अधिकार है। हम लोकतंत्र में रह रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि इस तरह का कोई डर है। मेरा मानना है कि भारत में सब बराबर हैं और यही उसका नज़रिया है। हमारे देश के बारे में यही ख़ास बात है कि हर कोई अपना विचार रख सकता है। मुझे नहीं लगता है कि यहाँ पर असहिष्णुता जैसी कोई चीज है।’’

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर मधुर भंडारकर की टिप्पणी

फ़िल्म निर्माता मधुर भंडारकर कह रहे थे कि वो नसीरुद्दीन शाह की बात से समर्थन नहीं रखते, लेकिन वो शाह के अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें देश में असहिष्णुता जैसी कोई बात नज़र नहीं आती है।

शाह के विवादित बयान पर आशुतोष राणा अपने विचार रखते हुए

इसी तरह से आशुतोष राणा ने भी नसीरुद्दीन शाह की बात का समर्थन नहीं किया था, जैसे कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया गया है। उनके विडियो में दिए गए बयान में साफ़ नज़र आता है कि वो शाह के बयान की प्रतिक्रियों के बारे में कह रहे थे।

आशुतोष राणा ने कहा कि अगर कोई कुछ कह रहा है, तो उसे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के पास बिना डरे हुए अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का अधिकार होना चहिए, न कि ये कहा है कि देश में डर, असहिष्णुता का माहौल है, और वो नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन करते हैं।

ज्ञात हो कि ANI ने 23 दिसम्बर को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसका टाइटल था – ‘मधुर भंडारकर ने किया नसीरुद्दीन शाह के बयान का बचाव’। लेकिन अब ANI ने अपनी वेबसाईट से ये आर्टिकल हटा लिया है। गूगल सर्च रिज़ल्ट में यह आर्टिकल नज़र आ रहा है, लेकिन उस पर क्लिक करने पर सिर्फ ‘error 404’ दिख रहा है।

ANI के सम्बंधित पेज का स्क्रीनशॉट

शायद ANI ने मुद्दे की वास्तविकता को भाँपकर इस आर्टिकल को हटा दिया होगा, हालाँकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स अभी तक अपनी भ्रामक हेडलाइंस पर क़ायम हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गायों के लिए ऑक्सीमीटर, PM CARES वाले वेंटीलेटर्स फाँक रहे धूल: सरकार को ऐसे बदनाम कर रहे मीडिया गिरोह

इस समय भारत दो मोर्चों पर लड़ रहा - एक कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से और दूसरा मीडिया समूहों द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज और नैरेटिव से।

बाहर No Bed का नोटिस, UP प्रशासन के एक्शन में आते ही मिले 969 बेड खाली: कोविड अस्पतालों में धांधली की खुली पोल

डीएम ने जब हर अस्पताल का ब्यौरा जाँचा तो सिर्फ 24 घंटे में पता चला कि कोविड अस्पतालों में 969 बेड खाली पड़े हैं। इनमें 147 वेंटीलेटर और...

भारत की मदद को आए कई विदेशी हिंदू मंदिर: करोड़ों रुपए, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और सिलिंडर से सहायता

ये हिंदू मंदिर भले ही विदेशों में स्थित हैं लेकिन जब बात हिंदुस्तान को संकट से उभारने की आई तो इन्होंने अपने सामर्थ्य से ऊपर उठ कर...

बंगाल हिंसा वाली रिपोर्ट राज्यपाल तक नहीं पहुँचे: CM ममता बनर्जी का ऑफिसरों को आदेश, गवर्नर का आरोप

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद हिंसा पर रिपोर्ट देने से...

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

महाराष्ट्र पुलिस में दलाली और उद्धव-पवार का नाम: जिस महिला IPS ने खोले पोल, उनकी गिरफ्तारी पर HC की रोक

IPS अधिकारी रश्मि शुक्ला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं, जहाँ FIR रद्द कर के पुलिस को कोई सख्त कदम उठाने से रोकने का निर्देश देने की दरख़्वास्त की गई।

प्रचलित ख़बरें

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

बंगाल में हिंसा के जिम्मेदारों पर कंगना रनौत ने माँगा एक्शन तो ट्विटर ने अकाउंट किया सस्पेंड

“मैं गलत थी, वह रावण नहीं है... वह तो खून की प्यासी राक्षसी ताड़का है। जिन लोगों ने उसके लिए वोट किया खून से उनके हाथ भी सने हैं।”

नेशनल जूनियर चैंपियन रहे पहलवान की हत्या, ओलंपियन सुशील कुमार को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आरोप है कि सुशील कुमार के साथ 5 गाड़ियों में सवार होकर लारेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गिरोह के दर्जन भर से अधिक बदमाश स्टेडियम पहुँचे थे।

बेशुमार दौलत, रहस्यमयी सेक्सुअल लाइफ, तानाशाही और हिंसा: मार्क्स और उसके चेलों के स्थापित किए आदर्श

कार्ल मार्क्स ने अपनी नौकरानी को कभी एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी। उससे हुए बेटे को भी नकार दिया। चेले कास्त्रो और माओ इसी राह पर चले।

‘द वायर’ हो या ‘स्क्रॉल’, बंगाल में TMC की हिंसा पर ममता की निंदा की जगह इसे जायज ठहराने में व्यस्त है लिबरल मीडिया

'द वायर' ने बंगाल में हो रही हिंसा की न तो निंदा की है और न ही उसे गलत बताया है। इसका सारा जोर भाजपा द्वारा इसे सांप्रदायिक बताए जाने के आरोपों पर है।

21 साल की कॉलेज स्टूडेंट का रेप-मर्डर: बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बीच मेदिनीपुर में महिला समेत 3 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हो रही हिंसा के बीच पश्चिम मेदिनीपुर जिले से बलात्कार और हत्या की एक घटना सामने आई है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,363FansLike
89,769FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe