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जय श्री राम न बोलने पर युवक को जिंदा जलाया: मीडिया गिरोह ने खबर के नाम पर फिर परोसा ‘जहर’

इंडिया टुडे की वेबसाइट ने अपनी इस गलती को हेडलाइन का एँगल बदलकर सुधारने की कोशिश की है, लेकिन यूआरएल अब भी वही हेट क्राइम वाला ही है।

उत्तर प्रदेश के चंदौली से आज सुबह एक 17 साल के मुस्लिम बच्चे को जय श्री राम न बोलने पर आग में झोंकने की खबर आई। खबर चलाई किसने – आजतक और इंडिया टुडे ने, वो भी बिना पूरी सच्चाई जाने ही! एक ही मीडिया समूह की दोनों वेबसाइटों पर इसे हेट क्राइम का एँगल दिया गया।

जब हमने इसकी सच्चाई जानने के लिए आगे खबर का फॉलोअप किया तो पता चला कि एएनआई ने इस घटना के संबंध में चंदौली के एसपी का बयान अपने ट्विटर पर ट्वीट किया है, जिसमें वे बताते नजर आ रहे हैं कि पुलिस ने बच्चे के बयानों में विरोधाभास पाया है। उनके मुताबिक एक चश्मदीद के बयान के अनुसार बच्चे को किसी समूह ने नहीं, बल्कि बच्चे ने खुद ही आग लगाई थी। मतलब ये मामला आत्मदाह का प्रतीत होता है।

जानकारी के मुताबिक खालीद नाम का यह बच्चा इस समय काशी के कबीर चौरा अस्पताल में भर्ती है। 45 प्रतिशत झुलसने के कारण उसकी स्थिति गंभीर है। पुलिस का मामले पर कहना है कि बच्चे ने खुद अपने आप को आग लगाई। वो अलग-अलग लोगों को अलग-अलग बयान दे रहा है। जिससे मामले में संदेह वाली स्थिति बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक बच्चे को देखकर लग रहा है जैसे उसे किसी ने ये सारी बातें सिखाई हैं, क्योंकि जिस जगह के बारे में बच्चा बता रहा है वहाँ की सीसीटीवी फुटेज में वो कहीं भी नहीं है।

चंदौली के एसपी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, पीड़ित बच्चे ने दो अलग बयान दिए हैं। पहले नाबालिग ने कहा कि वह महाराजपुर गाँव की ओर जा रहा था कि तभी वहाँ उसे 4 लोग मिले, जो उसे घसीटकर खेत में ले गए और आग लगा दी। उसके बाद उसने कहा घटना छतल गाँव की है, जो महाराजपुर से 1.5-2 किलोमीटर दूर है। बाद में उसे बीएचयू भेजा गया, जहाँ उसने फिर बयान बदला और बताया कि 4 लोग मोटरसाइकल पर आए और उसे अगवा करके हतीजा गाँव ले गए। पुलिस का इन बयानों को दर्ज करने के बाद संदेह इसलिए गहराया क्योंकि ये गाँव अलग-अलग दिशाओं में स्थित हैं।

खैर पुलिस द्वारा मामले की सच्चाई का पर्दाफाश करने के बाद पता चल चुका है कि बच्चा जय श्री राम का नारे वाली बात भी झूठ बोल रहा है, लेकिन सबसे तेज होने की होड़ में ‘इंडिया टुडे’ और उससे जुड़ा ‘आज तक’ जो हड़बड़ी दिखा रहे हैं, वो उनकी विश्वसनीयता पर एक सवालिया निशान है।

इंडिया टुडे ने हेड लाइन तो बदली लेकिन हेटक्राइम को दर्शाता अपना यूआरएल बदलना भूल गया

फिलहाल, इंडिया टुडे की वेबसाइट ने अपनी इस गलती को हेडलाइन का एँगल बदलकर सुधारने की कोशिश की है, लेकिन यूआरएल अब भी वही हेट क्राइम वाला ही है। वहीं आज तक ने भी अपनी हेडिंग से जय श्री राम को हटाकर पाठकों के सामने खुद को सबसे साफ़ दिखाने का प्रयास किया है। लेकिन दुनिया डिजिटल है और लोग मीडिया गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए स्क्रीनशॉट का उपयोग बखूबी करना जान गए हैं।

आजतक द्वारा एक घंटे में बदली गई हेडलाइन का स्क्रीनशॉट

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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