Fact Check: साध्वी प्रज्ञा को बदनाम करने के लिए वायरल हो रही RSS की फर्जी चिट्ठी, MediaVigil का षड्यंत्र

जब संघ के एक अधिकारी ने स्वयं ट्वीट कर जानकारी दी है कि वायरल हो रहा पत्र फेक है तब भी मीडिया विजिल ने उस पत्र के ज़रिए एक भ्रामक खबर फैलाने का काम किया।

चुनाव के मौसम में फर्जी खबर परोसने का धंधा ज़ोरों पर है। इसी क्रम में मीडिया विजिल वेबसाइट पर एक पत्र प्रकाशित किया गया जिसके बारे में यह कहा जा रहा है कि इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने लिखा है। यह पत्र सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे पत्र में दावा किया गया है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने के कारण संघ भाजपा से नाराज़ है। पत्र में 20 अप्रैल की तारीख पड़ी हुई है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम बड़े अक्षरों में लिखा है जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसे आरएसएस के आधिकारिक लेटर हेड पर लिखा गया है।

वायरल हो रहे इस पत्र में लिखा है, “भोपाल की महिला प्रत्‍याशी के शहादत के खिलाफ अनावश्‍यक बयानबाजी से पुलवामा हमले से जो राजनीतिक लाभ निर्मित की गई थी वो अब समाप्‍त हो चुकी है इसलिए समय रहते ही प्रत्‍याशी बदलना उपयुक्‍त होगा।”

इसका अर्थ यह निकाला जा रहा है कि सुरेश सोनी भाजपा से कह रहे हैं कि भोपाल से भाजपा की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बदल कर कोई दूसरा प्रत्याशी चुनाव में उतारा जाए। पत्र और उसमें लिखी सामग्री प्रामाणिक है या नहीं इसकी जाँच करने के लिए हमने संघ की आधिकारिक वेबसाइट खंगाली तो वहाँ सुरेश सोनी द्वारा लिखित ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। इसके अलावा संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि वायरल हो रहा पत्र फर्जी है।

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मीडिया विजिल वेबसाइट ने उस पत्र को लेकर जो स्टोरी लिखी है उसमें नीचे लिख दिया है कि ‘मीडियाविजिल सूत्र से प्राप्‍त हुए इस पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है’ लेकिन प्रश्न यह उठता है कि जब उस पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकती तो मीडिया विजिल ने बिना पत्र की सच्चाई जाने एक भड़कीली और भ्रामक हेडलाइन के साथ स्टोरी किस आधार पर बना दी?

जब संघ के एक अधिकारी ने स्वयं ट्वीट कर जानकारी दी है कि वायरल हो रहा पत्र फेक है तब भी मीडिया विजिल ने उस पत्र के ज़रिए एक भ्रामक खबर फैलाने का काम किया।

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