Tuesday, April 20, 2021
Home फ़ैक्ट चेक मीडिया फ़ैक्ट चेक ‘भास्कर’ ने रेलवे को निशाना साध कर छापी ‘भावुक’ खबर: रेलवे ने बताया फेक...

‘भास्कर’ ने रेलवे को निशाना साध कर छापी ‘भावुक’ खबर: रेलवे ने बताया फेक न्यूज, कई जानकारियाँ गलत

'दैनिक भास्कर' ने दावा कर दिया कि रेलवे के कारण एक दिन में कुल 7 मौतें हुई हैं। सभी रिपोर्ट 'भावुक' थी, लेकिन तथ्यों से परे। रिपोर्ट में जब ट्रेन की टाइम ही गलत बताई गई तो आप सोच सकते हैं बाकी ख़बरों में कितनी हेरफेर की गई होगी।

श्रमिक ट्रेनों को लेकर रेल मंत्रालय को घेरने के लिए मीडिया का फेक न्यूज़ चला रहा है। ‘दैनिक भास्कर’ ने ऐसी ही एक इमोशनल स्टोरी प्रकाशित कर के दावा किया कि मजदूर पहले ट्रैक पर मर रहे थे, अब वो ट्रेनों में मर रहे हैं। अपनी इमोशनल स्टोरी में भास्कर ने दावा किया कि ईद के दिन इरशाद नामक बच्चे की ट्रेन में ही मौत हो गई। हालाँकि, रेलवे ने बाद में जब सच्चाई बयान की तो भास्कर के इस ख़बर की पोल खुल गई।

इरशाद के पिता मोहम्मद पिंटू के हवाले से ‘दैनिक भास्कर’ ने दावा किया कि गर्मी की उमस और भूख के कारण उनके बेटे की मौत हुई है। इस ख़बर में ये भी दावा किया गया कि सूरत से सीवान पहुँचने में ट्रेनों को पूरे 9 दिन लग गए। रेलवे ने इस ख़बर को नकारते हुए कहा है कि ये पूरी की पूरी रिपोर्ट अर्धसत्य और गलत सूचनाओं से भरी हुई है। भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने ट्विटर के माध्यम से बताया कि 25 मई को सूरत से दो ट्रेनें 2 दिन मे पहुँच गई थी, इसीलिए 9 दिन वाली बात झूठी है।

रेलवे ने बताया कि वो बच्चा पहले से ही बीमार था और इलाज के बाद उसके परिजन उसे लेकर लौट रहे थे। अभी तक पोस्टमॉर्टम भी नहीं कि गई है, ऐसे में उसकी मौत के कारण के बारे में कुछ पता ही नहीं है। रेल मंत्रालय के सूत्रों ने ऑपइंडिया को कन्फर्म किया कि 099339 नंबर की ट्रेन सूरत से 23 मई को सुबह साढ़े 5 बजे चली थी और 25 मई को 2:20 बजे सीवान पहुँच चुकी थी। वहीं 09439 नंबर की दूसरी ट्रेन सूरत से 23 मई को 11 बजे चली और 25 मई को शाम 4:55 में सीवान पहुँच गई।

ऐसे में 9 दिन वाली बात कहाँ से या गई, ये ‘दैनिक भास्कर’ ने बिना समय का जिक्र किए ही दावा कर दिया है। इसी तरह गया के एक मजदूर के बारे में ख़बर में दावा किया गया कि उसकी भी मौत ट्रेन में ही हो गई। उसकी पहचान 44 वर्षीय नसीर खान के रूप मे बताई गई है। जबकि रेलवे ने बताया कि नसीर को लेकर जब ट्रेन दानापुर पहुँची, तब वह बेहोशी की हालत में था। वहीं महाराष्ट्र से भी एक श्रमिक की मौत की बात कही गई, जिसके लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया गया।

रेलवे से बात करने पर इस घटना की सच्चाई पता चली। दरअसल, उक्त व्यक्ति अपने भतीजे अरमान खान के साथ सफर कर रहा था। वो ट्रेन संख्या 09447 से सफर कर रहा था। वहाँ पर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही रेलवे की मेडिकल टीम डॉक्टर नीलेश के नेतृत्व में पहुँची। वहाँ जाँच-पड़ताल के बाद उक्त व्यक्ति को मृत घोषित किया गया। इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जा रही है, जिसके बाद और भी डिटेल्स सामने आएँगे। बावजूद इसके इस मौत के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहरा दिया गया।

इसी तरह कटिहार के 55 वर्षीय मोहम्मद अनवर की ख़बर प्रकाशित की गई। वो मुंबई के बांद्रा टर्मिनल से चढ़ा था। ‘दैनिक भास्कर’ ने उसके बारे में बताया कि वो 4 दिन से भूखा था और उसे खाने को नहीं दिया गया, इसीलिए वो मर गया। अनवर के बारे मे बताया गया कि उसने बरौनी में बस 10 रुपए का सत्तू खरीद कर खाया था। ‘दैनिक भास्कर’ का वर्जन कहता है कि वो पानी लेने उतरा और उसकी मौत हो गई।

इस मामले में भी रेलवे ने सच्चाई सामने रखी है।। रेलवे ने बताया कि अनवर पानी की पाइपलाइन के पास ही गिर गया था और बेहोशी की अवस्था में था। इसके बाद तुरंत स्टेट मेडिकल स्क्रीनिंग टीम के डॉक्टर मौके पर पहुँचे, जहाँ उसे मृत घोषित किया गया। बाद में पता चला कि वो अपने 3 परिचितों के साथ मुंबई से मधुबनी वाली ट्रेन में बैठा था। इसके बाद वो बेगूसराय में ट्रेन का इंतजार कर रहा था। मृत शरीर को बेगूसराय अस्पताल में भेजा गया। इस मामले में भी जाँच के बाद और जानकारी सामने आएगी।

अगर रेलवे द्वारा घटनाओं के संबंध में दी गई जानकारी को देखें तो पता चलता है कि ‘दैनिक भास्कर’ ने आधे-अधूरे तथ्यों के साथ किसी भी प्रकार की मौत के लिए रेलवे को ही जिम्मेदार ठहराने के लिए ऐसी कहानियाँ ढूँढी हैं। जबकि हर मामले में जैसे ही रेलवे को सूचना मिली, डॉक्टरों की टीम भागी हुई आई। इसमें से पहले से ही बीमार और इलाजरत लोगों की मौत के लिए भी रेलवे के मत्थे ही दोष मढ़ दिया गया।

‘दैनिक भास्कर’ ने दावा कर दिया कि रेलवे के कारण एक दिन में कुल 7 मौतें हुई हैं। एक कटिहार जा रही महिला की मौत की बात कही गई। साथ ही एक महिला की अपने पति की गोद में दम तोड़ने की ‘भावुक’ स्टोरी पब्लिश की गई। ये सारी मौतें बिहार में ही हुईं। किसी भी घटना में रेलवे का पक्ष नहीं लिखा गया और डॉक्टरों के मौके पर पहुँचने की बात भी छिपा ली गई। जब ट्रेन की टाइम ही गलत बताई गई तो आप सोच सकते हैं बाकी ख़बरों में कितनी हेरफेर की गई होगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

‘सरकार पर विश्वास नहीं’: मजदूरों ने केजरीवाल की नहीं सुनी, 5 लाख ने पकड़ी ट्रेन-बस टर्मिनल पर 50000; दिल्ली से घर लौटने की मारामारी

घर वापसी की यह होड़ केजरीवाल सरकार की साख पर सवाल है। यह बताती है कि दिल्ली के सीएम की बातों पर मजदूरों को भरोसा नहीं है।

कोरोना से लड़ाई में मजबूत कदम बढ़ाती मोदी सरकार: फर्जी प्रश्नों के सहारे फिर बेपटरी करने निकली गिद्धों की पाँत

गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने पूर्व CM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, शिवसेना नेता कहा- ‘फडणवीस के मुँह में डाल देता कोरोना’

शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर उन्हें कहीं कोरोना वायरस मिल जाता, तो वह उसे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुँह में डाल देते।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक 5 शहरों में लगाए कड़े प्रतिबन्ध, योगी सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन से किया इनकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में लॉकडाउन लगाने से इंकार कर दिया है। यूपी सरकार ने कहा कि प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे। गरीबों की आजीविका को भी बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों को अगवा कर मस्जिद में ले गए, DSP को किया टॉर्चरः सरकार से मोलभाव के बाद पाकिस्तान में छोड़े गए बंधक

पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार के साथ मोलभाव के बाद प्रतिबंधित इस्लामी संगठन TLP ने अगवा किए गए 11 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,220FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe