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नदीम ने घर में घुस अफजाल की बेटी को छेड़ा, लोगों ने पकड़कर पीटा: 10 दिन बाद ‘मॉब लिंचिंग’ बता पेश कर रहे इस्लामी नाम वाले हैंडल

इस्लामी नाम वाले ट्विटर अकाउंट इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं, "यूपी के मुजफ्फरनगर में 4 मार्च को 'भीड़' ने नदीम नामक मुस्लिम युवक को बेरहमी से पीटा, उसके हाथ-पैर रस्सी से बाँध दिए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि 'आरोपियों' के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने पीड़ित नदीम को ही घंटों थाने में बैठाए रखा।"

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक के हाथ पैर रस्सियों से बंधे दिख रहे हैं। उसके आसपास कई लोग हैं। एक महिला बचाओ-बचाओ चिल्ला रही है। इस वीडियो को ट्विटर पर भीड़ द्वारा मुस्लिम की पिटाई के मामले के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

इस्लामी नाम वाले ट्विटर अकाउंट इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं, “यूपी के मुजफ्फरनगर में 4 मार्च को ‘भीड़’ ने नदीम नामक मुस्लिम युवक की बेरहमी से पिटाई की, उसके हाथ-पैर रस्सी से बाँध दिए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ‘आरोपियों’ के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने पीड़ित नदीम को ही घंटों थाने में बैठाए रखा।”

कुल मिलाकर इस वीडियो के साथ दावा यह हो रहा है कि नदीम नाम के एक मुस्लिम युवक को भीड़ ने घेरा और उसे रस्सियों से बाँध कर पीटा। इस मामले में को भीड़ की पिटाई और वामपंथी-लिबरल गैंग के ‘मॉब लिंचिंग’ के एजेंडे के साथ जोड़ा जा रहा है। इसमें यह इशारा करने की कोशिश करने की जा रही है जैसे हिन्दुओं ने इस मुस्लिम युवक को पीटा हो। साथ ही पुलिस पर भी कार्रवाई ना करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

ऑपइंडिया ने इस मामले का फैक्ट चेक किया है। हमारे फैक्ट चेक में इसकी सच्चाई कुछ और निकली है। ऑपइंडिया ने इस मामले में दर्ज की गई एक FIR की कॉपी भी प्राप्त की है। असल में यह मामला मुस्लिमों के बीच मारपीट का है।

पुलिस से दर्ज करवाई गई FIR के मुताबिक़, वीडियो में दिख रहा युवक नदीम थाना रतनपुरी के फुलत गाँव का रहने वाला है। वह 3 मार्च की रात को 9:30 मिनट पर को गाँव के ही अफजाल के घर में घुसा। नदीम, अफजाल के घर में उनकी बेटी शिबा से छेड़खानी करने पहुँचा था। इस बात की भनक लगते ही अफजाल ने अपने परिवार के साथ नदीम को पकड़ लिया।

नदीम के खिलाफ दर्ज FIR

इसके बाद नदीम की पिटाई हो गई। हालाँकि, नदीम इस पिटाई से भी नहीं माना और अपने भाइयों को साथ लेकर वापस अफजाल को मारने आया। उसने अफजाल के घर में घुस कर अपने भाइयों नौशाद, दिलशाद, मुदस्सिर और सोनू के साथ अफजाल के परिवार पर लाठी डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

नदीम अफजाल के परिवार को जान से मारने की कोशिश भी की। इसके बाद जब मुहल्ले के और लोग नदीम और उसके साथ के गुंडों को रोकने आए तो वह भाग गए। अफजाल ने कहा है कि इस हमले में उनके घर के लोग घायल हो गए।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले में बताया है, “प्रकरण एक ही समुदाय से सम्बन्धित है जिसमें थाना रतनपुरी पुलिस द्वारा दिनांक 04.03.2024 को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर 03 अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। थाना रतनपुरी पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।”

ऑपइंडिया ने इस मामले के फैक्ट चेक में पाया कि इस मामले में भीड़ द्वारा पिटाई का जो नैरेटिव चलाया जा रहा है, वह झूठा है। असल में यह मामला मुस्लिमों के आपसी विवाद का है, जिसमें नदीम ने एक लड़की से छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इसके बाद उसने लड़की के परिवार पर हमला किया। ऐसे में ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में भीड़ द्वारा पिटाई का नैरेटिव गलत साबित हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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