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अमृतसर में ट्रैक्टर ने महिलाओं को रौंदा, कॉन्ग्रेस नेता अलका लंबा ने फेक न्यूज फैला BJP पर दोष मढ़ा

26 जनवरी को पंजाब के अमृतसर में किसानों के समर्थन में एक रैली निकाली जा रही थी। उसी दौरान अचानक से एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया और कई महिलाओं को रौंदता हुआ चला गया।

26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर रैली के दौरान पंजाब के अमृतसर में दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा ने शुक्रवार (29 जनवरी 2021) को एक फर्जी खबर फैलाते हुए इस हादसे का दोष बीजेपी के मत्थे मढ़ने की कोशिश की।

अलका लांबा ने एक वीडियो शेयर करते हुए उसे ट्रैक्टर रैली से जोड़ा। ट्वीट कर कहा, “हे राम… घोर अनर्थ। आरोप है कि किसान आंदोलन में हिस्सा लेने पहुँच रही बुजुर्ग महिला किसानों को गुस्से में BJP के कुछ कार्यकर्ता ने रौंद डाला। किसी मीडिया ने यह तस्वीरें दिखा क्या BJP नेताओं से सवाल किए? शर्मनाक, पीड़ादायक।”

अलका लांबा का ट्वीट

हालाँकि अलका लांबा के पास अपने द्वारा किए गए इस दावे का कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं है कि जिन आरोपितों ने अमृतसर में प्रदर्शनकारी महिलाओं की हत्या कर दी और ट्रैक्टर रैली के दौरान तीन को गंभीर रूप से घायल कर दिया, वह बीजेपी का सदस्य है।

बता दें, गिरफ्तार आरोपित ड्राइवर की पहचान सुख पुत्र गुलजार सिंह निवासी गाँव मक्खण विंडी के रूप में हुई है और उसने मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली में भाग लिया था। इसलिए यह संभावना ही नहीं है कि ट्रैक्टर चालक एक भाजपा का सदस्य था।

क्या है पूरी घटना?

गौरतलब है कि 26 जनवरी को पंजाब के अमृतसर में किसानों के समर्थन में एक रैली निकाली जा रही थी। उसी दौरान अचानक से एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया और कई महिलाओं को रौंदता हुआ चला गया। इस घटना में 2 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं 5 महिलाओं को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

घटना मंगलवार को अमृतसर के अटारी-वेरका बाईपास पर स्थित कस्बा वल्ला में निकाली जा रही ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई थी। जिसमें भारी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शमिल थे। इस दौरान पानी के टैंकर वाले एक ट्रैक्टर चालक ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया। उसने टैंकर सहित ट्रैक्टर को महिलाओं पर चढ़ा दिया और उन्हें रौंदते हुए कई मीटर तक चला गया।

मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। जिसकी पहचान सुख पुत्र गुलजार सिंह निवासी गाँव मक्खण विंडी के रूप में हुई थी। वह राज मिस्त्री का काम करता था। पुलिस पूछताछ में दोषी चालक ने बताया था कि उसे टैंकर चलाना नहीं आता था। न ही उसके पास कोई लाइसेंस है। वह बस प्रदर्शन में शामिल होने आया था।

घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा को दोषी ठहराने के चक्कर में अलका लांबा ने बिना किसी सबूत या रिपोर्ट देखे ही बड़ी फुर्ती से अपने ट्विटर एकाउंट से फेक न्यूज़ शेयर कर दिया। आरोप लगाया कि अमृतसर में दो महिलाओं की दुखद मौत के लिए भाजपा के सदस्य जिम्मेदार थे। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लताड़े जाने के बावजूद उनके पास इसे साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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