Sunday, August 1, 2021
Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकनोटबंदी और कृषि बिल के लिए एक ही शख्स के इंटरव्यू के वायरल दावे...

नोटबंदी और कृषि बिल के लिए एक ही शख्स के इंटरव्यू के वायरल दावे को ANI एडिटर ने नकारा, कॉन्ग्रेस ने फैलाया ‘झूठ’

ANI की प्रधान संपादक स्मिता प्रकाश द्वारा इस दावे का सख्ती से खंडन किया गया। उन्होंने दावा किया कि तस्वीरें दो अलग-अलग व्यक्तियों की थी। डोकानिया झूठ बोल रहे थे।

इन दिनों सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि समाचार एजेंसी ANI ने हाल ही में पारित किए गए किसान बिल और 2016 में मोदी सरकार द्वारा लाए गए नोटबंदी के लिए एक ही व्यक्ति का इंटरव्यू लिया। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक विनय कुमार डोकानिया ने एक समान दिखने वाले दो व्यक्तियों की तस्वीरें शेयर करते हुए आरोप लगाया कि ANI ने किसान बिल के लिए उसी व्यक्ति का साक्षात्कार लिया, जिसने 2016 में नोटबंदी की सराहना की थी। ये तस्वीरे काफी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

Fake tweet by INC social media co-ordinator

ANI की प्रधान संपादक स्मिता प्रकाश द्वारा इस दावे का सख्ती से खंडन किया गया। उन्होंने दावा किया कि तस्वीरें दो अलग-अलग व्यक्तियों की थी। डोकानिया झूठ बोल रहे थे।

हालाँकि, ट्वीट और भी ज्यादा वायरल तब हो गया जब दिल्ली कॉन्ग्रेस के उपाध्यक्ष अभिषेक दत्त ने डोकानिया के ट्वीट का हवाला देते हुए स्मिता प्रकाश से पूछा कि ट्वीट का सच क्या है। ANI के प्रधान संपादक ने जवाब दिया कि उनके सहयोगी ने फर्जी ट्वीट के साथ विवाद शुरू किया और बाकी लोगों ने इसे शेयर किया।

दत्त ने कहा कि अगर यह ट्वीट फर्जी था तो वह इसे जल्द से जल्द हटा देंगे। हालाँकि, स्मिता प्रकाश के स्पष्ट स्पष्टीकरण के बावजूद, इस लेख को लिखने के समय तक ट्वीट को नहीं हटाया गया है। इसके बजाय, एएनआई के विरोधियों द्वारा ट्विटर पर ट्वीट को व्यापक रूप से साझा किया गया है।

लोगों ने स्मिता प्रकाश के कार्य की नैतिकता पर भी सवाल उठाए। वैभव विशाल नाम के एक ट्विटर यूजर ने कहा कि वह व्यक्ति किसान की तरह बिल्कुल भी नहीं लग रहा था। उसने नए बनियान, नए गमछे आदि पहन रखे थे। इसके साथ ही वैभव ने स्मिता से अपनी टीम से सवाल करने के लिए भी कहा।

इस पर स्मिता प्रकाश ने चुटकी लेते हुए व्यक्ति से माफी माँगी कि एक शख्स भूखे किसान की छवि में फिट नहीं बैठता है। इसके बाद एएनआई द्वारा इंटरव्यू लिए गए किसानों की छवियों को शेयर करते हुए, वैभव विशाल ने कहा कि एएनआई को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

शब्दों की जंग और भी ज्यादा तब छिड़ गई, जब सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फर्जी ट्वीट को शेयर करते हुए नकली आरोपों के लिए स्मिता प्रकाश से स्पष्टीकरण या खंडन माँगा। ट्विटर यूजर ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि एएनआई अपने आकाओं के लिए यह सब कर रही है लेकिन उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया। 

इस तिरस्कारपूर्ण टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए स्मिता प्रकाश ने वरिष्ठ अधिकारी की खिंचाई करते हुए उन्हें एक ‘कॉपी पेस्ट कलाकार’ कहा, जो कल्पना से तथ्य को अलग नहीं कर सकते और बिना सत्यापन के दूसरों पर आरोप लगा सकते थे। थापर ने स्मिता प्रकाश द्वारा जारी स्पष्टीकरण के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन उनके गुस्से के लिए उनसे सवाल किया।

स्मिता ने जवाब दिया, “हाँ, आपने मुझे अपने ट्वीट में ‘पाखंडी’ और ऐसी अन्य चीजें कही। मैं उतना ही वापस दे सकती हूँ जितना मुझे मिलता है। चूँकि आपने वर्दी पहनी थी, इसलिए आपको एक विरोधी की सराहना करनी चाहिए।”

समाचार एजेंसी एएनआई पर समय-समय पर हमले होते रहते हैं, जो ज्यादातर प्रोपेगेंडिस्ट द्वारा किया जाता है। वो न्यूज एजेंसी पर ‘propaganda’ outlet  होने का आरोप लगाते हैं, वहीं, वे आमतौर पर एक और समाचार एजेंसी, PTI को पीएम मोदी जैसे नेताओं की छवि को खराब दिखाने और फर्जी तस्वीर शेयर करने के लिए फ्री पास दे देते हैं।

इस साल अगस्त में, PTI को भारत में कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या पर पीएम मोदी को गलत बताते हुए पाया गया था। उससे पहले, जून में, पीटीआई ने चीनी राजदूत सुन वेइदॉन्ग का साक्षात्कार लिया, , जिसमें उन्होंने गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच टकराव के लिए भारत को दोषी ठहराया। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हॉकी में टीम इंडिया ने 41 साल बाद दोहराया इतिहास, टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुँची: अब पदक से एक कदम दूर

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 41 साल बाद टीम सेमीफाइनल में पहुँची है।

पीवी सिंधु ने ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता: वेटलिफ्टिंग और बॉक्सिंग के बाद बैडमिंटन ने दिलाया देश को तीसरा मेडल

भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। चीनी खिलाड़ी को 21-13, 21-15 से हराया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,477FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe