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कमलेश तिवारी हत्याकांड: चौथा आरोपित लड़ चुका है गडकरी के ख़िलाफ चुनाव, सुन्नी यूथ फोर्स का है उपाध्यक्ष

आसिम अली शुरू से अंत तक कमलेश तिवारी के हत्यारों के संपर्क में था। इतना ही नहीं, आसिम ने हत्यारों को अपने संपर्कों की मदद से कर्नाटक में छिपने के लिए आश्रय भी दिलवाया।

कमलेश तिवारी हत्याकांड के चौथे आरोपित की गिरफ्तारी के बाद बड़े खुलासे हुए हैं। मालूम हुआ है कि सैयद आसिम अली नामक शख्स कमलेश तिवारी के हत्यारों के साथ केवल हत्या की प्लॉनिंग में ही शामिल नहीं था बल्कि उन्हें फरार करवाने में भी उसकी अहम भूमिका रही है। इसके अलावा खुलासा हुआ है कि नागपुर से गिरफ्तार सैयद आसिम अली नागपुर में एमडीपी पार्टी की नगर ईकाई का अध्यक्ष है और साथ ही सुन्नी यूथ फोर्स संस्थान का उपाध्यक्ष भी। वह लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ख़िलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है और मुस्लिमों में अपनी पैठ बनाने के लिए एक यूट्यूब चैनल भी चलाता है।

गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को नागपुर से सैयद आसिम अली की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए। नागपुर एटीएस अध्यक्ष अनिल लोखंडे ने 29 वर्षीय सैयद आसिम अली के बारे में बताया है कि अली सुन्नी यूथ फोर्स नामक संस्थान का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और साथ ही माइनॉरिटी डेमॉक्रेटिक पार्टी की नगर ईकाई का अध्यक्ष भी।

हालाँकि, एटीएस अध्यक्ष ने हत्याकांड में अली की भूमिका के बारे में कुछ भी बताने से इंकार किया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बात का पता चला है कि आसिम अली शुरू से अंत तक हत्यारों के संपर्क में था। इतना ही नहीं, ये भी मालूम चला है कि आसिम ने हत्यारों को अपने संपर्कों की मदद से कर्नाटक में छिपने के लिए आश्रय भी दिलवाया।

सैयद अली की फेसबुक टाइमलाइन खँगालने पर भी बहुत चीजों का खुलासा होता है। हत्या की प्लॉनिंग से लेकर हत्यारों के फरार होने तक में अहम भूमिका निभाने वाला सैयद आसिम अली लगातार फेसबुक पर कश्मीर मुद्दे पर लोगों को भड़काने का काम कर रहा था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि आसिम अली लोकसभा चुनावों में केंद्रीय मंत्री गड़करी के ख़िलाफ़ नागपुर से चुनाव भी लड़ चुका है। ये बात और है कि उसे इन चुनावों में करारी शिकस्त मिली थी। मात्र दसवीं पास आसिम अली को लोकसभा चुनावों में केवल 673 वोट मिले थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अली के बारे में बताया गया है कि इसने 2 महीने पहले मुस्लिम युवाओं को मॉब लिंचिंग से बचने के लिए आत्म सुरक्षा के नाम पर लाठियाँ बाँटी थी। इसके अतिरिक्त मुस्लिम युवाओं में अपनी पैठ बनाने के लिए सैयद आसिम अली अपना यूट्यूब चैनल भी चलाता है। इन विडियो में इसे कमलेश तिवारी के ख़िलाफ़ बोलते भी सुना जा सकता है।

बता दें कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में चौथे आरोपित अली की गिरफ्तारी के बाद उसे सोमवार को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया और बाद में यूपी पुलिस को उसकी रिमांड सौंप दी गई। इस हत्याकांड में आरोपितों को पकड़ने के प्रयासों के दौरान खुलासा हुआ था कि आसिम अली का पूरे हत्याकांड में बहुत महत्वपूर्ण रोल रहा। उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स से पता लगा कि हत्या करने के बाद राशिद ने उसको फोन किया था और उसने ही दोनों हत्यारों की भागने में मदद की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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