कमलेश तिवारी हत्याकांड: नागपुर से एक और संदिग्ध आरोपित सैयद आसिम अली गिरफ़्तार

पुलिस का कहना है कि सैय्यद दूसरे हत्यारों के साथ लगातार सम्पर्क में था। पुलिस ने यह भी बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या में पकड़े गए सैय्यद अली की मुख्य भूमिका थी।

हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी क़ामयाबी मिली है। नागपुर एटीसी ने एक संदिग्ध को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान सैय्यद आसिम अली के रूप में हुई। पुलिस का कहना है कि सैय्यद दूसरे हत्यारों के साथ लगातार सम्पर्क में था। पुलिस ने यह भी बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या में पकड़े गए सैय्यद अली की मुख्य भूमिका थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आज आरोपित को नागपुर कोर्ट में पेश किया और उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की। 

इससे पहले यह पता चला था कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले संदिग्ध हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन की लोकेशन लगातार चेंज हो रही है। रविवार (अक्टूबर 20, 2019) को पुलिस को पता चला कि उनकी लोकेशन अम्‍बाला में है। इसके बाद पुलिस को उनकी तलाश में लगाया गया। रात होते-होते उनके शाहजहाँपुर में होने की ख़बर मिली। शाहजहाँपुर रेलवे स्‍टेशन के पास एक होटल के सीसीटीवी में आरोपितों को देखा गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

जब तक पुलिस शाहजहाँपुर में आरोपितों को लोकेट कर पाती, उनकी लोकेशन फिर बदल गई। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित अपने फोन की बजाय राहगीरों से मोबाइल माँगकर इस्‍तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश में यूपी के शाहजहॉंपुर में मुसाफिरखानों और मदरसों पर छापेमारी की है। ये आरोपित शाहजहाँपुर में रुके थे लेकिन एसटीएफ के पहुँचने के भनक मिलते ही लापता हो गए। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपए के ईनाम का ऐलान किया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में संदिग्ध हत्यारों के नेपाल भाग जाने की भी आशंका जताई गई है।

गौरतलब है कि कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में ख़ुलासा हुआ कि कमलेश तिवारी की नृशंस हत्‍या को मौलाना मोहसिन ने शरियत कानून के कत्‍ल-ए-वाजिब के सिद्धांत के तहत जायज़ ठहराया था। उसने राशिद के भाई  मोईनुद्दीन और अशफाक को इसके लिए तैयार किया। इस मामले में राशिद की माँ और अशफ़ाक की बीबी से भी पूछताछ की गई।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

"हिन्दू धर्मशास्त्र कौन पढ़ाएगा? उस धर्म का व्यक्ति जो बुतपरस्ती कहकर मूर्ति और मन्दिर के प्रति उपहासात्मक दृष्टि रखता हो और वो ये सिखाएगा कि पूजन का विधान क्या होगा? क्या जिस धर्म के हर गणना का आधार चन्द्रमा हो वो सूर्य सिद्धान्त पढ़ाएगा?"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

115,259फैंसलाइक करें
23,607फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: