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हर चरण के साथ बढ़ता गया NDA: जहाँ हुए सारे Poll-पंडित फेल, उस बिहार चुनाव का सबसे सटीक अनुमान लगाया था OpIndia ने

1. NDA की सरकार ही बनने जा रही है। 2. लालू के बेटे तेजस्वी एक नेता के रूप में नीतीश का विकल्प बनने में असफल रहे। 3. हर चरण में बढ़ता जाएगा NDA का ग्राफ। - ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद यह आकलन था, जो सबसे सटीक रहा।

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना मंगलवार (नवंबर 10, 2020) की देर रात संपन्न हो गई और इसके साथ ही भाजपा प्रदेश में 74 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। राजद को उससे एक ज्यादा, यानी 75 सीटें मिलीं। जहाँ कई राजनीतिक पंडितों और एग्जिट पोल्स ने महागठबंधन की जीत का अनुमान लगाया था, ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड कवरेज के बाद चुनाव परिणामों का सटीक अंदाज़ा लगाया और NDA की जीत की बात कही। इतना ही नहीं, इस अनुमान में हर चरण का भी सटीक अनुमान लगाया गया था।

हम ये कहते रहे कि राज्य में NDA की सरकार ही बनने जा रही है, क्योंकि लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव एक नेता के रूप में नीतीश कुमार का विकल्प बनने में असफल रहे। और हुआ भी यही। राजग 125 सीटें जीत कर बहुमत के लिए ज़रूरी 122 सीटों के आँकड़े से आगे निकल गया। इस तरह से नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री होंगे और 2005 से बिहार में शुरू हुआ राजद का राजनीतिक वनवास जारी रहेगा।

7 नवंबर को लगाए गए अनुमान में 2 मिनट 40 सेकंड के बाद और 31 मिनट के बाद सुनिए लगभग शत-प्रतिशत सही भविष्यवाणी

ऑपइंडिया ने अपने विश्लेषणों में अनुमान लगाया था कि जहाँ पहले चरण के चुनावों में विपक्ष को बढ़त थी, वहीं जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ते गए, NDA बहुमत की ओर बढ़ता चला गया। चुनाव में किसी की हवा नहीं थी, लेकिन मोदी सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं ने भाजपा को फायदा पहुँचाया। हम ये भी कहते रहे थे कि जदयू की सीटें घटनी तय हैं। राजद सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, लेकिन सरकार NDA की ही बनेगी

अब अगर हर चरण की बात करें तो पहले चरण में 71, दूसरे में 94 और तीसरे में 78 सीटों पर मतदान हुआ। NDA का सीट शेयर हर चरण के साथ बढ़ता ही चला गया। ये क्रमशः 29.6%, 52.1% और 66.7% रहा। हमारे अनुमानों के मुताबिक ही, महागठबंधन का सीट शेयर हर चरण के साथ घटता ही चला गया और ये क्रमशः 67.6%, 46.8% और 26.9% रहा। अक्टूबर 28, नवंबर 3 और 7 को तीनों चरण के लिए मतदान संपन्न हुआ था।

इस तरह से हर चरण के साथ बिहार में भाजपा और जदयू की गठबंधन का वोट प्रतिशत और सीट शेयर बढ़ता ही चला गया, जबकि कई टीवी चैनलों ने पहले चरण के ही अनुमान के आधार पर मान लिया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। राजग को 125 में से 105 सीटें दूसरे और तीसरे चरण में ही मिली, क्योंकि पहले चरण में उसके पास काफी कुछ दाँव पर था भी नहीं। इस तरह से ऑपइंडिया का हर अनुमान सटीक साबित हुआ।

बिहार चुनाव में मतगणना के दौरान आँकड़ों में हुई उलट फेर ने दोबारा से ईवीएम को ‘हैक’ करवा दिया है। NDA को दोपहर होते-होते सीटों में बढ़त क्या मिली, ट्विटर पर ईवीएम के ऊपर इल्जाम लगने शुरू हो गए। कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने तो इस ईवीएम हैक को सही बताने के लिए पूरे चुनाव को मंगल ग्रह और चाँद तक से जोड़ दिया। वहीं पुष्पम प्रिया ने सीधे तौर पर भाजपा पर इसका आरोप मढ़ा। अब परिणाम आने के बाद तो ये क्रंदन और तेज हो गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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