Sunday, September 27, 2020
Home विविध विषय अन्य जानिए भारत में क्यों इतने चरणों में होते हैं चुनाव? समझें इसके कारकों को

जानिए भारत में क्यों इतने चरणों में होते हैं चुनाव? समझें इसके कारकों को

1951-52 में हुए पहले ऐतिहासिक चुनाव को संपन्न कराने में ज़रूर 3 महीने लगे थे लेकिन 1980 में एक ऐसा समय भी आया जब 4 दिनों में ही लोकसभा चुनाव निपटा दिया गया। यह भारतीय लोकतान्त्रिक इतिहास में अभी तक का एक रिकॉर्ड है।

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने 7 चरणों में चुनाव संपन्न कराने की घोषणा की है। इसमें तीन राज्य ऐसे हैं, जिनमें सभी 7 चरणों में चुनाव होंगे। ये राज्य हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल। किस राज्य में कब और कितने चरणों में चुनाव होंगे, इसके बारे में हम पहले ही बता चुके हैं। इन सबके बीच एक सवाल ऐसा है जो कितनी बार उठ चुका है। भारत में एक राज्य स्तरीय चुनाव भी कई चरणों में होते हैं। 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव भी 5 चरणों में संपन्न कराए गए थे। इसी तरह अन्य राज्यों के चुनाव भी कई फेज में आयोजित कराए जा चुके हैं। सवाल यह है कि आख़िर क्या कारण है कि एक ही चरण में पूरे भारत में चुनाव आयोजित नहीं कराए जा सकते? क्या एक विशाल और विविधताओं (भौगोलिक और राजनीतिक रूप से) से भरे देश होने के कारण ऐसा होता है या फिर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जाता है? एक सवाल यह भी उठता है कि क्या चुनाव आयोग को राज्य पुलिस पर अब भरोसा नहीं रहा?

यहाँ हम कई चरणों में होने वाले चुनाव के पीछे जो कारक हैं, उनकी चर्चा करेंगे और साथ ही यह भी देखेंगे कि इसके पक्ष में क्या तर्क दिए जाते हैं। जनवरी 2017 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने कहा था कि भारत में कई चरणों में चुनाव आगे भी होते रहेंगे। उन्होंने कहा था कि इसका सीधा कारण है चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय बलों का उपयोग करना। पाँच राज्यों में चुनाव संपन्न कराने के बाद तनावमुक्त ज़ैदी ने कहा था कि चुनाव आयोग द्वारा केंद्रीय बलों का प्रयोग करना और राज्य पुलिस पर भरोसा कम होना। उन्होंने कहा था कि सिर्फ़ चुनाव आयोग ही नहीं बल्कि उम्मीदवार, मतदाता और राजनीतिक दल भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। उनका कहना था कि ख़ुद राजनीतिक पार्टियों, मतदाताओं व उम्मीदवारों को केंद्रीय बलों पर ज़्यादा भरोसा है।

पूर्व चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने समझाया था कि कैसे चुनाव आयोग हर एक बूथ पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती करने की कोशिश करता है क्योंकि राज्य पुलिस के बारे में राजनीतिक दलों के अपने-अपने अलग विचार होते हैं। उन्होंने कहा था कि मतदाता भी अर्धसैनिक बलों की तैनाती से निश्चिन्त रहते हैं और चुनाव कई चरणों में होने के बावजूद वे धैर्य बनाए रखते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव तो 9 चरणों में हुए थे। 36 दिनों तक चलने वाला वह चुनाव विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के इतिहास में सबसे लम्बा चलने वाला चुनाव था। इसी तरह 2009 के लोकसभा चुनाव 5 चरणों में आयोजित हुए थे। इसके पीछे भारत के भौगोलिक भागों के अलग-अलग शासकीय और राजनीतिक परिस्थितियाँ होती हैं।

जैसे उत्तर-पूर्व भारत को ही ले लीजिए। उत्तर पूर्व भारत में आने वाले आठ राज्यों को देखिए। उन आठ राज्यों में 25 लोकसभा सीटें आती है (अरुणाचल प्रदेश-2, असम-14, मणिपुर-2, मेघालय-2, मिजोरम-1, नागालैंड-1, सिक्किम-1, त्रिपुरा-2)। इन राज्यों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर दशकों से अलगाववादी संगठनों और भारत सरकार में ठनी रही है। चीन, बांग्लादेश और म्यांमार से सीमा लगी होने के कारण इन सभी राज्यों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की ज़रूरत पड़ती है। सर्वविदित है कि भारत से सटा चीन कई भारतीय राज्यों के क्षेत्रों पर अपना दावा ठोकता रहा है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारतीय लोकतंत्र की सफलता उसे चुभती है। ऐसे में, ऐसी ताक़तों के रहते पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की ज़रूरत पड़ती है। यही कारण है कि इन राज्यों में कई चरणों में चुनाव होते आए हैं।

कहाँ कब और किस चरण में होंगे लोकसभा चुनाव
- विज्ञापन -

बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड देश के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाक़ों में से एक रहे हैं। अब स्थिति कुछ सुधर गई है लेकिन पहले हालात इतने कठिन थे कि राज्य पुलिस तो छोड़िए, अर्धसैनिक बलों को भी नक्सलियों को क़ाबू में करने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। छत्तीसगढ़ में तो नक्सलियों ने एक बार कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेताओं की एक साथ हत्या कर उनका पूरा नेतृत्व ही साफ़ कर दिया था। ऐसे में, इन संवेदनशील इलाक़ों में ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था मुक़म्मल कर जनता को इस बात का एहसास दिलाना पड़ता है कि वे वोट देने निकले तो किसी प्रकार की हिंसा नहीं होगी। इन राज्यों में चुनाव के वक़्त हिंसक माओवादी वारदातों की संख्या बढ़ती रही है। अतः इनका प्रभाव कम होने के बावजूद कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता।

इसके अलावा भारत जैसे विशाल देश में सबसे बड़ी चुनौती होती है, अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना। हो सकता है कि सीआरपीएफ की एक टुकड़ी आज बिहार में चुनाव संपन्न करा रही है और 2 दिनों बाद उनकी तैनाती आंध्र प्रदेश में हो। ऐसे में, उनकी सुगमता के लिए भी ज़रूरी है कि चुनाव एक से ज्यादा चरणों में हों और उनके बीच प्रॉपर गैप हो ताकि ये एक जगह से दूसरे जगह पहुँच सकें। एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना और काम पर लग जाना उतना आसान भी नहीं होता। उनके रहने, खाने-पीने व ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था भी करनी होती है। इसमें समय लगाना लाजिमी है। जम्मू-कश्मीर के बारे में सर्विदित है कि वहाँ कैसे हालात रहते हैं और इन कार्यों के लिए सुरक्षा बलों को कितनी मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है?

ऐसा नहीं है कि भारत में चुनाव हमेशा से इतने ज्यादा चरणों में ही होते रहे हैं। हाँ, 1951-52 में हुए पहले ऐतिहासिक चुनाव को संपन्न कराने में ज़रूर 3 महीने लगे थे लेकिन 1980 में एक ऐसा समय भी आया जब 4 दिनों में ही लोकसभा चुनाव निपटा दिया गया। यह भारतीय लोकतान्त्रिक इतिहास में अभी तक एक रिकॉर्ड है। इसके बाद जैसे-जैसे चुनौतियाँ बढ़ती गयीं, चुनाव लम्बे होते गए। पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी कहते हैं कि पहले के चुनावों में बूथ लूटना और वोटरों को प्रभावित करना आम बात हो गई थी। राज्य पुलिस पर स्थानीय नेताओं के दवाब में किसी पक्ष विशेष की तरफदारी करने के आरोप लगते थे। अतः 1990 के दशक में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने केंद्रीय बलों की नियुक्ति का निर्णय लिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को ये सुनिश्चित करने को कहा।

क़ुरैशी के मुताबिक़, केंद्रीय बलों को एक जगह से दूसरी जगह आवागमन करने में लगने वाले समय की वजह से चुनाव लम्बे होने लगे। केंद्रीय सुरक्षा बलों के इन जवानों को बस और ट्रेन से सफ़र कर गंतव्य तक पहुँचना होता है, जिसमें समय लगता है। इसी तरह पाकिस्तान सीमा से लगे इलाक़ों में विशेष सतर्कता की ज़रूरत पड़ती है। लिट्टे के दिनों में तमिलनाडु व दक्षिण भारतीय राज्यों में विशेष सतर्कता बरती जाती थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या भी एक जनसभा को सम्बोधित करने के दौरान कर दी गई थी। वे दक्षिण भारतीय राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए निकले थे। इसी तरह भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर विभिन्न समस्याएँ आती रहती है, जिस कारण पूरे भारत में एक साथ चुनाव नहीं कराए जा सकते।

कई बार कहा जाता है कि अमेरिका या इंग्लैंड में एक चरण में ही चुनाव हो जाते हैं लेकिन हमें ये समझना जरूरी है कि 125 करोड़ से भी अधिक जनसंख्या वाले एक देश और 10 करोड़ से भी कम जनसंख्या वाले देश में सारे नियम एक समान नहीं हो सकते। भौगोलिक परिस्थितियाँ, जनसंख्या, सुरक्षा बलों के आवागमन, अशांत अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ व विभिन्न हिंसक संगठनों के कारण भारत में एक चरण में चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

युद्ध के हालात लेकिन चीन का प्रचार, आँकड़ों से खेल और फेक न्यूज… आखिर PTI पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा प्रसार भारती

ऐसा मुद्दा जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उस पर निर्णय लेने में देरी करना तर्क पूर्ण नहीं कहा जा सकता। जिस तरह के हालात बने, ऐसे में...

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

अर्जेंटीना: सांसद ने ऑनलाइन सत्र में गर्लफ्रेंड का स्तन चूमा, वीडियो वायरल होने पर दिया इस्तीफा

एक वीडियो वायरल होने के बाद अर्जेंटीना के 47 वर्षीय सांसद जुआन एमिलो एमिरी को संसद के निचले सदन से इस्तीफा देना पड़ा है।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

दिल्ली से बदायूँ लाकर आसिफ ने नेहा को गोली मार दी। फिर पुलिस को बताया कि नेहा को उसके भाई ने ही गोली मारी है, क्योंकि वह शादी से खुश नहीं था।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

केरल में यूट्यूबर विजय पी नायर पर महिला 'एक्टिविस्ट्स' ने हमला किया। उनके चेहरे पर मोटर ऑयल डाल दिया और थप्पड़ मारे।

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए...

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,071FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements