Wednesday, April 1, 2020
होम देश-समाज जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ, वो होगा: हिंदू आरोपित लड़कों की जुमे तक...

जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ, वो होगा: हिंदू आरोपित लड़कों की जुमे तक गिरफ्तारी को लेकर इमाम की धमकी

एक ओर जहाँ इस मामले को अधिकारी क्रिकेट को लेकर हुई लड़ाई बता रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे मॉब लिंचिंग की घटना दिखाकर पेश कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में क्रिकेट मैच को लेकर मदरसा दारुल उलूम फैज ए आम के छात्रों और कुछ स्थानीय युवकों के बीच आपसी झड़प हुई और बात मारपीट तक पहुँच गई। इस दौरान दोनों पक्षों में ईंट पत्थर चले। लड़ाई-झगड़े में मदरसे के 4 छात्र घायल हो गए। मदरसे के छात्रों ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनके साथ मारपीट की, उनके कपड़े भी फाड़े। इस संंबंध में 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।

यह घटना उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र जीआईसी मैदान की है। यहाँ दारुल उलूम मदरसे में पढ़ने वाले अब्दुल वारिस (13 साल), मोहम्मद मकदूम (14 साल), मोहम्मद अली (13 साल) और मोहम्मद हारुन अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलने गए थे। इसी दौरान वहाँ इनका दूसरे लड़कों (मोहन, पंकज, सोहन और उनके साथियों – लड़के वयस्क हैं या नहीं, यह साबित नहीं है इसलिए नाम बदलकर लिखा गया है) से विवाद हो गया।

घायल छात्र

मदरसे तक जब छात्रों से मारपीट की घटना पहुँची तो इसने तनाव का रूप ले लिया। घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद के पास इकट्ठा होना शुरू हो गए। यहाँ पुलिस और आला अधिकारियों ने उनके बीच पहुँचकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली।

घायल छात्र
- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पत्रिका की खबर के अनुसार क्षेत्राधिकारी (नगर) उमेश त्यागी ने पूछताछ के बाद बताया, “क्रिकेट खेलने के दौरान बच्चों के बीच आपस में लड़ाई हुई है, जिसमें तीन को चोटें आई हैं। इनका ईलाज कराया गया है और पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ इस मामले को अधिकारी क्रिकेट को लेकर हुई लड़ाई बता रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे मॉब लिंचिंग की घटना दिखाकर पेश कर रहे हैं। शहर के जामा मस्जिद के इमाम निसार अहमद मिस्बाही ने तो यहाँ तक बोला है कि अगर नामजद अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती है तो कुछ भी हो सकता है।

पत्रिका की वीडियो के मुताबिक इमाम ने कहा, “…आम तौर पर खेलने कहीं न कहीं जाते हैं। आज हमारे 2 बजे नमाज पढ़के 10-12 बच्चे छोटे-छोटे किसी की 12 साल, 13 साल, 14 साल उम्र है, जीआईसी ग्राउंड रेलवे के पास क्रिकेट खेल रहे थे। चार लड़के आए बड़े-बड़े और… एक्शन क्या है हमारा, अभी तो कोतवाल साहब हमारे आ गए हैं, चौकी इंचार्ज हैं आपके सामने, जो कानूनी प्रक्रिया है, वो की जा रही है, FIR की जा रही है। लेकिन चूँकि प्रशासन को हमने नाम और चेहरे सब सौंप दिए हैं, तीन आदमी की शिनाख्त कर दी है चार में से। कल हमारा जुमा है, अगर कल जुमा तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर हम बहुत… जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ होगा, वो होगा। चूँकि उन्नाव में अमन-शांति बनाने के लिए पूरी कोशिश की गई, और हमारे जिले में प्रशासन ने और हमारे यहाँ की पब्लिक ने ऐसा नहीं होने दिया। इसीलिए चार आदमी ने खराब किया है, अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ये माहौल न बिगड़ने दे वरना जुमा है, कल कुछ भी हो सकता है।”

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

जम्मू कश्मीर पर भारत को बदनाम करने में लगा है ध्रुव राठी, बलूचिस्तान पर साध लेता है चुप्पी

इसी बीच उसका एक और प्रोपेगंडा सामने आया है। वो कई देशों के स्वतंत्रता संग्राम पर भी वीडियो बनाता रहा है। इस दौरान वो जम्मू कश्मीर का नाम तो लेता है लेकिन कभी भी बलूचिस्तान के बारे में कुछ नहीं कहता।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

169,325FansLike
52,714FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements