Homeबड़ी ख़बरविडियो: कारवाँ के एजाज़ अशरफ़, मूर्खता विरासत में मिली है या कारवाँ वाले डिप्लोमा...

विडियो: कारवाँ के एजाज़ अशरफ़, मूर्खता विरासत में मिली है या कारवाँ वाले डिप्लोमा कराते हैं?

ये वैसी ही मूर्खता है जैसा कि मेरा ये कहना - 'मुसलमान' एजाज़ अशरफ़ से और किसी एंगल की आशा भी नहीं थी। लेकिन मैं एजाज़ या कारवाँ जैसा बेहूदा नहीं हूँ कि जब पूरा देश शोक मना रहा हो, तब मैं ये दावा करूँ कि मैंने चालीस लोगों के परिवार से पूछा कि वो किस जाति के थे।

कारवाँ के पत्रकार ने इस राष्ट्रव्यापी शोक के मौक़े पर बलिदान जवानों की जाति पर लम्बा लेख लिखकर बताया है कि वीरगति को प्राप्त जवान किस जाति के हैं, और राष्ट्रवाद का जज़्बा सिर्फ ‘शहरी उच्च जाति के हिन्दुओं’ में है। इस तरह की सोच बेकार मानसिकता का ही परिचायक है, और कुछ नहीं:

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -