Wednesday, April 1, 2020
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ब्राह्मणों और जाटों से दूर रहेगा कोरोना? ये तस्वीर इतनी फेक है कि ‘ऑल्ट न्यूज’ ने भी फैक्टचेक नहीं किया

इधर फैक्ट-चेक के नाम पर लगातार बकैती कर रहे 'फॉल्ट न्यूज़' के बारे में ये भी पता चला है कि कोरोना वायरस का ख़तरा बढ़ने के बाद उसे फैक्ट-चेक के लिए कोई ख़बर मिल ही नहीं रही थी। इसीलिए, 2 इंटर्न को इस बात की जिम्मेदारी दी गई वो अपना पाँच-पाँच फेक ट्विटर हैंडल बना कर एक 'फेक न्यूज़' को ट्वीट करें, जिसे बाद में 'वायरल' करार देकर उसका फैक्ट-चेक कर दिया जाएगा।

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अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। इसी क्रम में फैक्ट-चेक का वायरस ‘ऑल्टन्यूज़’ जनता के लगतार अनुरोध के बाद भी उन तस्वीरों का फैक्ट-चेक नहीं कर रहा है, जो अफवाह फैला रहे हैं। ऐसी ही एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसे आजतक न्यूज़ चैनल की ख़बर के रूप में दिखाया गया है। इसमें कहा जा रहा है कि जाटों का ख़ून इतना गर्म होता है कि उन्हें कोरोना वायरस का कोई खतरा नहीं है। इस ट्वीट के रिप्लाई में जाट की जगह ब्राह्मणों का ख़ून गर्म होने की बात कही गई और ऐसी ही तस्वीर शेयर की गई।

चूँकि ‘फॉल्ट न्यूज़’ के एक व्यक्ति ने इसके फैक्ट-चेक का बीड़ा उठाया। उसने ‘ऑल्ट न्यूज़’ से फैक्ट-चेक के लिए रिवर्स सर्च की तकनीक माँगी, ताकि ये पता लगाया जा सके ये फोटो सबसे पहले किसने शेयर किया था और इसे पहली बार कब शेयर किया गया था। हालाँकि, उक्त व्यक्ति ने ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए बताया कि जैसे ही उसने ‘ऑल्टन्यूज़’ की रिवर्स सर्च एप्लीकेशन में इस फोटो को डाला, उसके बाद जो परिणाम आया वो चौंकाने वाला था। दरअसल, उस ऐप ने फोटो के दाहिने हिस्से को बाएँ और बाएँ किस्से को दाहिने भेज दिया था। हो गया रिसर्च।

हालाँकि, ‘फॉल्ट न्यूज़’ के एक इंटर्न ने दावा किया कि उनके संस्थान में इसी ऐप के जरिए सारे फैक्ट-चेक किए जाते हैं। साथ ही उसने यह भी बताया कि कभी-कभी ये ऐप रिवर्स सर्च के नाम पर ‘सिन्हा’ को ‘भालू’ और ‘भालू’ को ‘सिन्हा’ बना देता है। फैक्ट-चेक करने का प्रयास करने वाला व्यक्ति ऑपइंडिया से अपनी बात रखने के बाद कोमा में चला गया है क्योंकि उसे गहरा शॉक लगा है। उसने बताया कि उसने ‘एक्स्ट्रा ज़ूम’ वाली तकनीक भी ‘भालू’ से उधार में ली थी, लेकिन जैसे ही उसमें एक पत्थर की इमेज डाली, वो ज़ूम होकर पर्स बन गया।

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इधर फैक्ट-चेक के नाम पर लगातार बकैती कर रहे ‘फॉल्ट न्यूज़’ के बारे में ये भी पता चला है कि कोरोना वायरस का ख़तरा बढ़ने के बाद उसे फैक्ट-चेक के लिए कोई ख़बर मिल ही नहीं रही थी। इसीलिए, 2 इंटर्न को इस बात की जिम्मेदारी दी गई वो अपना पाँच-पाँच फेक ट्विटर हैंडल बना कर एक ‘फेक न्यूज़’ को ट्वीट करें, जिसे बाद में ‘वायरल’ करार देकर उसका फैक्ट-चेक कर दिया जाएगा। अंदेशा जताया गया है कि उन्हीं इंटर्न्स में से किसी ने जाट और ब्राह्मण का ख़ून गर्म होने की बात ट्वीट कर दी। इसके बाद ‘सिन्हा’ ने अपने इंटर्न को ट्रेनिंग देने के लिए बुलाया है, जहाँ उन्हें पर्स और पत्थर में फर्क न करने की हिदायत दी जा रही है।

कथित फैक्ट-चेकर को आजकल ज्यादा मशक्कत इसीलिए करनी पड़ रही है क्योंकि पीएम मोदी लगातार लोगों को कोरोना वायरस से सावधान व सचेत रहने के तौर-तरीके बता कर उन्हें जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक ट्वीट कर साबुन से हाथ धोने के लाभ बताए। ये ट्वीट देखते ही ‘भालू’ ने अपने एक इंटर्न को एक कोरोना वायरस खोज कर उसका बयान लाने को कहा है। बयान ये होना चाहिए कि कोरोना साबुन से नहीं डरते। अन्य ख़बरों में दावा किया गया है कि उक्त इंटर्न मीडिया की नौकरी छोड़ कर सन्यस्थ हो गया है। जाते-जाते बता दें कि ये फोटो फर्जी है, इसे ऐसे ही किसी तथाकथित फैक्ट-चेकर ने फैलाया है।

डिस्क्लेमर: ट्यूबलाइट श्रेणी के लोगों के लिए ये साफ़ किया जाता है कि ये व्यंग्य है, कटाक्ष है, इसे उसी तरह पढ़ें

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अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

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