Saturday, September 26, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष कॉन्ग्रेस क्या तो बचाए... अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन, RaGa को या फिर इंदिरा...

कॉन्ग्रेस क्या तो बचाए… अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन, RaGa को या फिर इंदिरा गाँधी की नाक?

सवाल यह है कि इंदिरा की नाक यानी प्रियंका गाँधी तो सबको नजर आती हैं, लेकिन किसी को फ़िरोज गाँधी जैसा कोई क्यों नहीं याद आता है? क्या कॉन्ग्रेस अब राहुल गाँधी को भूल जाना चाहती है?

“वही दूरदर्शित, वही निष्ठा, वही इच्छाशक्ति…. इंदिरा इज़ बैक” यानी, इंदिरा वापस आ चुकी है। यह हम नहीं बल्कि आज के दैनिक भास्कर अखबार का पहला पन्ना कह रहा है। कहने वाले सज्जन मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस में पर्यावरण एवं लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा हैं। सज्जन सिंह यह बातें किसी और के लिए नहीं बल्कि इंदिरा की ही पोती और उन्हीं की नाक के जैसे दिखने वाली प्रियंका गाँधी के लिए कह रहे हैं। वही प्रियंका गाँधी जो कुछ दिन पहले ट्विटर पर अकाउंट से आधी रात को दुर्गा सप्तशती के मन्त्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे’ को ट्वीट कर रहीं थीं।

प्रियंका गाँधी के जन्मदिन की सुबह दैनिक भास्कर अख़बार के पहले पन्ने पर ही इंदिरा गाँधी के साथ उनकी तुलना करते हुए कॉन्ग्रेस के नेता जी द्वारा लिखी गई प्रशंसा तो यही बता रही है कि ट्विटर पर आधी रात को किए गए उनके मन्त्र जाप का असर प्रियंका गाँधी पर जल्द ही होने वाला है। जन्मदिन तो आज स्वामी विवेकानंद का भी है लेकिन मंत्री जी की प्राथमिकताएँ तय हैं, उन्हें पहले इंदिरा गाँधी को इस वसुंधरा पर उतारना है, उसके बाद अन्य कामों पर नजर डाली जाएगी।

नवंबर में ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी जन्मदिन था, लेकिन ख़ास बात यह रही कि पूरे गाँधी परिवार ने उन्हें बधाई सन्देश नहीं दिया था। हो सकता है सज्जन सिंह इसी आंतरिक कलह का फायदा उठाना चाह रहे हों।

लेकिन सवाल यह है कि किसी के जन्मदिन पर शुभकामना संदेशों से किसी को क्यों आपत्ति हो सकती है? वो भी तब जब राहुल गाँधी के कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष पद पर दोबारा नियुक्त होने की खबरें बाजार में चल रही हों। यह तो निश्चित है कि अपनी जमीन तलाश रही कॉन्ग्रेस और उसके नेता अब जल्दी ही किसी दिन इस वंशवाद में डूबी हुई पार्टी के पतन पर फूट पड़ेंगे। लेकिन कॉन्ग्रेस और उसके क्रियाकलापों पर सवाल उठाने पर जब शशि थरूर जैसे नेता को माफ़ी माँगने पर विवश होना पड़ता है तो फिर किसी और की क्या मजाल? बाकी सज्जन तो इंदिरा गाँधी को प्रसन्न करने में व्यस्त हैं ही।

- विज्ञापन -

सवाल यह है कि इंदिरा की नाक यानी प्रियंका गाँधी तो सबको नजर आती हैं, लेकिन किसी को फ़िरोज गाँधी जैसा कोई क्यों नहीं याद आता है? क्या कॉन्ग्रेस अब राहुल गाँधी को भूल जाना चाहती है। कॉन्ग्रेस के भीतर समय-समय पर प्रियंका गाँधी को मुख्य कमान सौंपे जाने की बातें उठती रहती हैं, लेकिन तब कॉन्ग्रेस नेता यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि यह माँग बस कॉन्ग्रेस के छुटभइया नेता ही करते हैं। हालाँकि मणि शंकर अय्यर जैसे नेता भी प्रियंका गाँधी को कॉन्ग्रेस के भीतर मुख्य भूमिका में देखने की अपनी इच्छा कब की जाहिर कर चुके हैं। लेकिन मणि शंकर अय्यर को गंभीरता से लेता ही कौन है?

लोकसभा चुनाव 2019 के समय भी देखा गया था कि प्रियंका गाँधी ने शुरू में तो नरेंद्र मोदी के खिलाफ खूब हल्ला बोला लेकिन चुनाव के दौरान ही धीरे-धीरे कॉन्ग्रेस अपनी असलियत जानते हुए प्रियंका गाँधी को पीछे धकेलती गई। स्पष्ट था कि खुद कॉन्ग्रेस नहीं चाहती थी कि परिवारवाद की सर्कस के आखिरी जोकर को भी वो एक पहले से ही हारी हुई बाजी में उतार दें।

2019 के लोकसभा चुनाव में ही कॉन्ग्रेस की PR टीम से लेकर कॉन्ग्रेस का मीडिया गिरोह तक प्रियंका गाँधी के लिए मैदान बनाने लगा, इंदिरा 2.0 जैसे जुमले गढ़े गए। लेकिन, आखिर में नतीजा यह हुआ इंदिरा गाँधी के अवतरण में बाधा उत्पन्न हो गई और राहुल गाँधी के सर पर हार का ठीकरा फोड़ दिया गया। और राहुल गाँधी हमेशा की तरह ही हर हार के बाद फिर अज्ञातवास पर निकल गए।

अफवाहों का बाजार फिर से तेज है। राहुल गाँधी के राजनीतिक भविष्य से लेकर कॉन्ग्रेस की आगे की रणनीति अब तय होगी। इसी बीच प्रियंका गाँधी के जन्मदिन पर कॉन्ग्रेस नेताओं के उत्साह से भी कुछ रुझान आने शुरू हो गए हैं। कॉन्ग्रेस की हैसियत इस समय देश में वोट कटुआ पार्टी से अधिक कुछ नहीं है। उदाहरण के लिए अगर दिल्ली चुनाव को ही ले लें, तो कॉन्ग्रेस को इस चुनाव में कोई तीसरा कैंडिडेट तक मानने को राजी नहीं है। होना यह है कि कॉन्ग्रेस आगामी चुनावों में नोटा जैसा विकल्पों से भी पीछे खिसकने वाली है। अब कॉन्ग्रेस के सामने सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि वो पहले क्या बचाए- अपनी खोई हुई राजनीति की जमीन या फिर इंदिरा गाँधी की नाक?

प्रियंका गाँधी के साथ UP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नाव से गंगा के रास्ते जा रहे थे रामघाट, लहरों में जा गिरे

प्रियंका गाँधी की खुली पोल-पट्टी, देखिए JNU हिंसा में घायल छात्र से कैसे मुँह मोड़ा

CAA पर ‘पॉलिटिक्स’ करने पहुँचीं प्रियंका गाँधी, आपस में ही लड़ गए कॉन्ग्रेसी: देखें Video

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

ड्रग्स चैट वाले ग्रुप की एडमिन थी दीपिका पादुकोण, दो नंबरों का करती थी इस्तेमाल

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से एनसीबी शनिवार को पूछताछ करने वाली है। उससे पहले यह बात सामने आई है कि ड्रग चैट वाले ग्रुप की वह ए​डमिन थीं।

छद्म नारीवाद और हिंदू घृणा का जोड़: भारतीय संस्कृति पर हमला बोल कर कहा जाएगा- ‘ब्रेक द स्टिरियोटाइप्स’

यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

‘गिरती TRP से बौखलाए ABP पत्रकार’: रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को मारा थप्पड़

महाराष्ट्र के मुंबई से रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को एबीपी के पत्रकार मनोज वर्मा ने थप्पड़ जड़ दिया।

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ जरा?’: सितारों का बचाव कर संजय राउत ने ‘शराबी’ वाले अमिताभ की याद दिलाई

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से पूछताछ से पहले संजय राउत ने बॉलीवुड सितारों का बचाव करते हुए NCB पर साधा निशाना है।

कानुपर में रिवर फ्रंट: ऐलान कर बोले योगी- PM मोदी ने की थी यहाँ गंगा स्वच्छता की प्रशंसा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में गंगा तट पर खूबसूरत रिवर फ्रंट बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसे पीएम मोदी को उपहार बताया।

अतीक अहमद से अवैध प्रॉपर्टी को जमींदोज करने पर हुआ खर्च भी वसूलेगी योगी सरकार

बाहुबली अतीक अहमद की अवैध प्रॉपर्टी पर कार्रवाई के बाद अब उससे इस पर आया खर्च भी वसूलने की योगी सरकार तैयारी कर रही है।

पैगंबर पर कार्टून छापने वाली ‘शार्ली एब्दो’ के पुराने कार्यालय के पास चाकू से हमला: 4 घायल, 2 गंभीर

फ्रांस की व्यंग्य मैग्जीन 'शार्ली एब्दो' के पुराने ऑफिस के बाहर एक बार फिर हमले की खबर सामने आई है। हमले में 4 लोग घायल हो गए।

मोइनुद्दीन चिश्ती पर अमीश देवगन की माफी राजस्थान सरकार को नहीं कबूल, कहा- धार्मिक भावनाएँ आहत हुई है

जिस टिप्पणी के लिए पत्रकार अमीश देवगन माफी माँग चुके हैं, उस मामले में कार्रवाई को लेकर राजस्थान सरकार ने असाधारण तत्परता दिखाई है।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,035FollowersFollow
324,000SubscribersSubscribe
Advertisements