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गले में भगवा गमछा, आँखों में ईश्वर भक्ति: PM बनकर नहीं, ‘प्राउड हिन्दू’ होकर ऋषि सुनक ने अक्षरधाम मंदिर में की पूजा

अक्षरधाम मंदिर के डायरेक्टर ने बताया - "दर्शन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री की आँखों में एक सच्चे ईश्वर भक्त के भाव थे। यह राजकीय नेता की यात्रा के बजाय भगवान के एक भक्त की यात्रा रही।"

दिल्ली में चल रहे G20 सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अक्षरधाम मंदिर में दर्शन किए। रविवार (10 जुलाई 2023) को इस दर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति भी मौजूद रहीं। मंदिर में कुछ देर समय बिता कर ब्रिटिश प्रधानमंत्री राजघाट की तरफ निकल गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनक की यात्रा से पहले ही पुलिस ने मंदिर और आसपास के इलाकों में बैरिकेड लगा दिए थे। सुबह-सुबह 7 बजे सुनक अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुँचे। यहाँ उन्होंने स्वामीनारायण सम्प्रदाय के मंदिर अक्षरधाम में पारम्परिक ढंग से पूजा अर्चना की। सुनक की पत्नी भी भारतीय परिधान में थीं। दोनों ने गले में भगवा गमछा डाल रखा था। मंदिर में दर्शन के दौरान बारिश हो रही थी। हालाँकि इसकी वजह से किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आई। वीडियो में पुलिस के जवानों को रेनकोट में मुस्तैद देखा जा सकता है।

बताते चलें कि ऋषि सुनक ने भारत आने से पहले खुद को ‘प्राउड हिन्दू’ बताते हुए मंदिर में जाने का एलान किया था। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वो अक्षरधाम मंदिर जा सकते हैं। मंदिर में सुनक लगभग 40 मिनट तक रहे। इस दौरान उन्होंने मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों से बातचीत की। मंदिर की कलाकृतियों को देखा। फिर पत्नी अक्षता के साथ राजघाट की तरफ निकल गए।

ऋषि सुनक के मंदिर दर्शन के बाद वहाँ के डायरेक्टर ज्योतिंद्र दवे का बयान सामने आया है। ज्योतिंद्र ने बताया कि दर्शन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री की आँखों में एक सच्चे ईश्वर भक्त के भाव थे। साथ ही उन्होंने इसे राजकीय नेता की यात्रा के बजाय भगवान के एक भक्त की यात्रा कहा। ऋषि सुनक द्वारा खुद को ‘प्राउड हिन्दू’ कहे जाने वाले बयान पर ज्योतिंद्र का दावा है कि उन्होंने जो कुछ भी सुना था, वो सच पाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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