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सनी लियोनी के ‘मधुबन में राधिका नाचे’ गाने पर बैन की माँग, इस्लामी प्रतीकों पर ऐसे अश्लील गाने बनाने का चैलेंज

साधु-संतों के अलावा सोशल मीडिया पर भी लोग इस गाने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे। कुछ तो इतना तक लिख गए कि क्या इन प्रोड्यूसरों को इस्लाम के प्रतीकों को लेकर ऐसे गाने बनाने की हिम्मत है?

सनी लियोनी का मधुबन गाना (Sunny Leone’s Madhuban song) 3 दिन पहले 22 दिसंबर 2021 को रिलीज किया गया था। तब से यह गाना अपने अपने डांस (फिल्मांकन) आदि के कारण विवादों में है। मधुबन में राधिका नाचे रे (madhuban me radhika nache re) गाने में हिंदू धर्म-संस्कृति के प्रतीकों, नामों आदि का जैसा चित्रण किया गया है, उसे लेकर अब मथुरा के संतों ने इस पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है।

मधुबन (Madhuban) नाम के गाने पर सनी लियोनी के डांस को अश्लील बताया गया है। आरोप लगाया गया है कि इस गाने से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। वृन्दावन के संत नवल गिरि महाराज ने तो यहाँ तक कहा है कि जब तक सनी लियोनी माफी नहीं माँगेगी, उन्हें भारत में नहीं रहने दिया जाए।

सनी लियोनी के मधुबन गाने को लेकर संत नवल गिरि महाराज ने कहा है कि अगर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी या प्रतिबंध नहीं लगाएगी तो वो इसे मुकदमे के जरिए कोर्ट में ले जाएँगे। वृन्दावन के संत नवल गिरि महाराज के अनुसार इस गाने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

संत नवल गिरि महाराज के साथ-साथ अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने भी सनी लियोनी के मधुबन गाने (Sunny Leone’s Madhuban song) पर आपत्ति जताई है। इनका कहना है कि जिस तरह से इस गाने को फिल्माया गया है, इससे पूरे बृजभूमि की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल हुई है।

सोशल मीडिया पर भी लोग इस गाने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कुछ तो इतना तक लिख गए कि क्या इन प्रोड्यूसरों को इस्लाम के प्रतीकों को लेकर ऐसे गाने बनाने की हिम्मत है? जबकि कुछ ऐसे गानों का बायकॉट कर इसे आर्थिक क्षति पहुँचाने और सबक सिखाने की बात कर रहे हैं।

आपको बता दें कि सनी लियोनी के मधुबन गाने को कनिका कपूर और अरिंदम चक्रवर्ती ने अपनी आवाज दी है। इसे गणेश आचार्य द्वारा कोरियोग्राफ किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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