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शराब घोटाले के 18वें आरोपित को ED ने किया गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा हिरासत में: गोवा चुनाव के लिए AAP को पहुँचाए थे पैसे

ED के तर्क को काटते हुए विनोद चौहान के वकील ने कहा कि उन्हें केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में भेजने की कोई जरूरत नहीं है। वकील ने कहा, "मैं हमेशा जाँच में शामिल हुआ हूँ। मुझे क्यों गिरफ्तार किया गया है?” उन्होंने कहा कि नकदी बरामदगी के संबंध में ऑडिटेड विवरण पहले ही एजेंसी को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ये पैसे व्यवसाय के माध्यम से प्राप्त हुए थे।

दिल्ली के आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार वकील विनोद चौहान को अदालत ने शनिवार (4 मई 2024) को 7 मई तक के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। इस मामले में की ईडी द्वारा की गई यह 18वीं गिरफ्तारी है। आरोप है कि विनोद ने गोवा चुनाव के लिए हवाला के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) को पैसे पहुँचाए थे।

ED ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि विनोद ‘साउथ ग्रुप’ के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में थे। उनकी तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव एवं BRS की नेता के. कविता और कुछ AAP नेताओं जैसे प्रमुख साजिशकर्ताओं के साथ गहरी साँठगाँठ थी। इस मामले में ED के विशेष वकील ज़ोहेब हुसैन ने कोर्ट से विनोद की चार दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।

वकील ज़ोहेब हुसैन ने अदालत को बताया, “विनोद चौहान के कार्यालय में तलाशी ली गई। वहाँ से 1,06,00,000 रुपए (1.06 करोड़ रुपए) जब्त किये गए थे। वे इन रुपयों का स्रोत नहीं बता पाए थे। उनके पास ‘साउथ ग्रुप’ के सदस्यों द्वारा आम आदमी पार्टी के लिए दी गई नकदी थी।” उन्होंने कहा कि विनोद 25.5 करोड़ रुपए के अपराध की आय को स्थानांतरित करने में शामिल थे।

ED के तर्क को काटते हुए विनोद चौहान के वकील ने कहा कि उन्हें केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में भेजने की कोई जरूरत नहीं है। वकील ने कहा, “मैं हमेशा जाँच में शामिल हुआ हूँ। मुझे क्यों गिरफ्तार किया गया है?” उन्होंने कहा कि नकदी बरामदगी के संबंध में ऑडिटेड विवरण पहले ही एजेंसी को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ये पैसे व्यवसाय के माध्यम से प्राप्त हुए थे।

इस पर ईडी के वकील ने कहा कि अपराध से हुई आय को पहले ही इस्तेमाल हो चुकी है। एक करोड़ रुपया वह रकम थी, जो बच गई थी। बता दें कि ‘साउथ ग्रुप’ में दक्षिण भारत के वे व्यक्ति शामिल हैं, जिसके बारे में ईडी का दावा है कि उन्हें अनुचित लाभ, स्थापित थोक व्यवसायों में हिस्सेदारी, कई खुदरा क्षेत्र (पॉलिसी में अनुमति से अधिक) हिस्सेदारी दी गई थी और इसके बदले में AAP के नेताओं को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।

बता दें कि शराब नीति में घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, बीआरएस की नेता के. कविता सहित कई शराब व्यवसायियों को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें जमानत मिल गई है। ईडी ने विनोद चौहान को 3 मई 2024 को गोवा से गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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