‘कान्स’ (Cannes) इस बार भारतीयों के लिए सिर्फ एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि संस्कृति, फैशन और पहचान के वैश्विक प्रदर्शन का मंच बन गया। फ्रांस स्थित फ्रेंच रिवेरा के रेड कार्पेट पर हुए 79वें कान्स फिल्म फेस्टिव में भारत ने अपने रंग कुछ अलग अंदाज में बिखेरे। वर्षों से गाउन, बोल्ड फैशन और पश्चिमी स्टाइल के बीच सीमित दिखाई देने वाला कान्स इस बार साड़ियों, लहँगा, पारंपरिक परिधान, बिंदी और भारतीय हस्तशिल्प की खूबसूरती से सजा नजर आया। रेड कार्पेट पर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की झलक ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस बार की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कान्स में सिर्फ वही पुराने और चर्चित चेहरे केंद्र में नहीं रहे। नए भारतीय कलाकारों, फैशन क्रिएटर्स और उभरते चेहरों ने इस मंच को नई पहचान देने की कोशिश की। इन नए चेहरों ने पश्चिमी फैशन की नकल करने के बजाय भारतीयता को आधुनिक अंदाज में पेश किया, जिससे कान्स का पूरा माहौल पहले से अलग दिखाई दिया। यही वजह रही कि इस बार भारत की मौजूदगी केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसमें अपनी जड़ों पर गर्व और सांस्कृतिक आत्मविश्वास भी साफ नजर आया।
1. रूपी गिल

पंजाबी एक्ट्रेस रूपी गिल ने कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर अपने पारंपरिक पंजाबी अंदाज से अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारतीय संस्कृति और पंजाबी विरासत को बेहद सादगी और खूबसूरती के साथ पेश किया। उन्होंने हल्के क्रीम यानी आइवरी शेड का शरारा सेट पहना था, जिस पर सुनहरे धागों से बारीक कढ़ाई की गई थी। आउटफिट में पारंपरिक पंजाबी शिल्प की झलक साफ दिखाई दे रही थी, जिसने उनके पूरे लुक को रॉयल लेकिन बेहद सहज बनाया।
उनके इस लुक की सबसे खास बात रहा फुलकारी दुपट्टा, जिसे उन्होंने सिर पर ओढ़ रखा था। रंग-बिरंगी फुलकारी कढ़ाई ने उनके पूरे लुक में पंजाबी मिट्टी की खुशबू जोड़ दी। वहीं, भारी ग्लैमरस मेकअप से दूर रूपी गिल ने बेहद हल्का और नैचुरल मेकअप चुना, जिसने उनके पारंपरिक लुक की सादगी को और निखारा।
2.प्राजक्ता माली

मराठी फिल्म एक्ट्रेस प्राजक्ता माली ने कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर महाराष्ट्र की पारंपरिक संस्कृति और मराठी सौंदर्य को बेहद खूबसूरती से पेश किया। रेड कार्पेट पर उनका अंदाज बिल्कुल एक पारंपरिक ‘मराठी मुलगी’ जैसा नजर आया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्राजक्ता ने नीले रंग की नौवारी साड़ी पहनी। साड़ी की पारंपरिक ड्रेपिंग ने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को बखूबी सामने रखा। साथ ही हल्के झुमके, नाक में नथ, कमर पर कमरबंद और माथे पर सजा अर्धचंद्र ने इस लुक की खूबसूरती को और निखार दिया।
3.ऐमी बरुआ

कंटेंट क्रिएटर ऐमी बारुआ ने अपने पाँचवे कान्स अपीयरेंस में अपनी जड़ों को महत्व दिया। रेड कार्पेट पर उन्होंने असम की कार्बी संस्कृति को गरिमा के साथ पेश किया, जिससे उनका लुक सबसे अलग बन गया। एमी बरुआ पारंपरिक हाथ से बुनी ‘पिनी-पेकोक’ पोशाक में नजर आईं, जो कार्बी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है।
उनके कपड़ों की बुनाई, रंगों का संतुलन और पारंपरिक स्टाइलिंग में असम की मिट्टी और लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही थी। अपने इस लुक की तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “अपनी विरासत को सेलिब्रेट करते हुए।”
4.जयंती वागधरे

कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर कंटेंट क्रिएटर जयंती वागधरे ने अपने लुक के जरिए महाराष्ट्र की पारंपरिक कला और बुनाई को खास पहचान दिलाई। जयंती ने सफेद रंग का फ्लेयर्ड पैठानी घाघरा पहना था, जिस पर पारंपरिक मोर और फूलों की खूबसूरत पेंटिंग बनी हुई थी। उन्होंने अपने इस पारंपरिक पहनावे को मराठी गहनों के साथ पूरा किया। माथे पर चंद्रकोर बिंदी, नाक में पारंपरिक नथ और गले में कसौटी/थुशी नेकलेस ने उनके लुक में शाही मराठी अंदाज जोड़ दिया। लुक के साथ उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो के साथ ‘जय महाराष्ट्र’ लिखा पर्स कैरी किया, जिसने महाराष्ट्र के इतिहास को दर्शाया।
5.आरती खेत्रपाल

कान्स के इतिहास में पहली बार सनातन धर्म और आध्यात्मिकता की झलक देखने को मिली। भक्ति गायिका आरती खेत्रपाल ने अपने पूरे लुक को वैष्णव परंपरा और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित करते हुए अलग पहचान बनाई। उन्होंने फ्लेयर्ड मस्टर्ड येलो स्कर्ट पहनी थी, जिस पर हाथों से बनाई गई वृंदावन की कलाकृतियाँ उकेरी गई थीं। इसके साथ उन्होंने एंब्रॉयडर्ड ब्लाउज और दुपट्टा कैरी किया।
एक कृष्ण भक्त के रूप में उन्होंने अपने साथ पॉकेट साइज भगवद गीता, तुलसी कंठी माला और ‘कृष्णा पाउच’ भी रखा, जिसने उनके लुक को आस्था का प्रतीक बनाया। उन्होंने अपने लुक की तस्वीरें साझा करते हुए इसे अपनी गुरुओं, संतों और भगवद गीता के रचयिता को समर्पित बताया। आरती ने कहा कि उनका यह लुक हर उस व्यक्ति के लिए है, जो भगवान में विश्वास रखता है।
6.रुचि गुज्जर

हरियाणा की मॉडल और एक्ट्रेस रुचि गुज्जर ने कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर अपने राजस्थानी अंदाज से अलग ही छाप छोड़ी। उन्होंने गुलाबी रंग का पारंपरिक राजपूताना लहँगा-चोली पहना, जिस पर बारीक कढ़ाई और पारंपरिक डिजाइन की खूबसूरत झलक दिखाई दे रही थी। उनके लुक को माँ3.ग टीका, भारी हार, चूड़ियों और अन्य पांरपरिक आभूषणों ने निखारा। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके घूँघट की हुई, जिसे उन्होंने आत्मविश्वास के साथ ग्लोबल मंच पर कैरी किया, जो आज की मॉडर्न दुनिया में कम ही देखने को मिलता है।
7.रिदा थारना

कंटेंट क्रिएटर रिदा थारना ने कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर अपने लुक के जरिए भारतीय प्रकृति और आध्यात्मिक प्रतीकों को आधुनिक फैशन से जोड़ने की कोशिश की। उनका सफेद रंग का गाउन गंगा नदी से प्रेरित था, जिसकी डिजाइन में बहते पानी की सहजता और शांति को खूबसूरती से उकेरा गया। शिफॉन की परतों से तैयार यह आउटफिट झरने की तरह नीचे की ओर बहता नजर आ रहा था, मानों कपड़ों में पानी की गति को कैद कर लिया गया हो।
ड्रेस पर लगे ताजे पानी के मोती पूरे लुक में नर्म चमक जोड़ रहे थे, जबकि कमर पर लगा तांबे के रंग का प्लीटेड कमरबंद सफेद गाउन के साथ बेहद आकर्षक कंट्रास्ट बना रहा था। रिदा ने अपने लुक को कस्टम-मेड लैब-ग्रोन डायमंड ज्वैलरी के साथ पूरा किया, जिसने उनके पूरे स्टाइल में मॉडर्न और टिकाऊ लग्जरी का स्पर्श जोड़ा।
कान्स में नियम सख्त होने से दिखे बदलाव
दरअसल, कान्स फिल्म फेस्टिवल ने साल 2025 से अपने रेड कार्पेट नियमों में बड़ा बदलाव किया था, जिसका असर 2026 के फैशन ट्रेंड्स में भी साफ दिखाई दिया। नए नियमों के तहक रेड कार्पेट पर ‘न्यूड फैशन’ यानी जरूरत से ज्यादा रिवीलिंग कपड़ों और बेहद लंबे ट्रेल या ओवरसाइज्ड गाउन्स पर रोक लगा दी गई। फेस्टिवल प्रशासन का कहना था कि ऐसे आउटफिट्स रेड कार्पेट की आवाजाही और थिएटर सीटिंग में दिक्कत पैदा करते हैं। इसके साथ ही ‘डिसेंसी’ यानी गरिमा को बनाए रखने पर भी खास जोर दिया गया।
इन नियमों के बाद कान्स के रेड कार्पेट पर फैशन का अंदाज पहले से काफी बदलाव हुआ नजर आया। जहाँ पहले बोल्ड, शीयर और जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक आउटफिट्स सुर्खियाँ बँटोरते थे, वहीं अब कई सितारों ने नियंत्रित और सांस्कृतिक फैशन की ओर रुख किया। यही वजह रही कि कान्स 2026 में भारतीय सितारों और कंटेंट क्रिएटर्स के पारंपरिक लुक्स ज्यादा चर्चा में रहे। साड़ी, फुलकारी, राजपूताना घूँघट, नौवारी और भारतीय हस्तशिल्प जैसे पहनावे सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं रहे, बल्कि उन्होंने रेड कार्पेट पर एक अलग सांस्कृतिक पहचान भी बनाई।
कहीं न कहीं इन नए नियमों ने कान्स के फैशन नैरेटिव को भी बदल दिया। अब सिर्फ सबसे बोल्ड या सबसे बड़ा गाउन चर्चा का केंद्र नहीं रहा, बल्कि ऐसे लुक्स को सराहा गया जिनमें कहानी, संस्कृति और व्यक्तिगत पहचान दिखाई दी। भारतीय प्रतिनिधित्व ने इसी बदलाव का सबसे मजबूत उदाहरण पेश किया, जहाँ ग्लैमर के साथ परंपरा और विरासत भी बराबरी से रेड कार्पेट पर चमकती नजर आई।


