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…तो मनोरंजन कैसे होगा: अब बॉयकॉट बॉलीवुड पर ‘एंटरटेनमेंट’ की दुहाई दे रही करीना कपूर खान, कभी कहा था- मत देखो हमारी फिल्म, जबरदस्ती थोड़े है

"दर्शकों के बिना काम के बारे में क्या? दर्शकों के बिना स्टार के स्टेटस के बारे में क्या? दर्शकों के बिना आप जिस भव्य जीवन शैली का आनंद लेते हैं, उसके बारे में क्या?"

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने कोलकाता के इवेंट में ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड को लेकर अपनी बात रखी है। ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म की एक्ट्रेस ने बॉलीवुड फिल्मों के बायकॉट के बढ़ते ट्रेंड पर रिएक्ट करते हुए कहा, “मैं इससे बिल्कुल भी सहमत नहीं हूँ। अगर ऐसे होगा तो हम आपको एंटरटेन कैसे करेंगे। आपकी जिंदगी में खुशी और मजा कैसे आएगा। साथ ही अगर फिल्में नहीं होंगी तो एंटरटेनमेंट कैसे होगा।” सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो र​विवार (22 जनवरी, 2023) का है।

हालाँकि, इससे पहले करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने दर्शकों को दोयम दर्जे का समझते हुए कहा था कि जिसे फिल्में नहीं देखना है मत देखो, कोई जबरदस्ती है क्या। इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के सवाल पर उन्होंने कहा था, “ऑडियंस ने ही नेपोटिज्म से जुड़े एक्टर्स को स्टार्स बनाया है। आप नहीं जा रहे हो फिल्में देखने तो मत जाओ। किसी ने आपके साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की है।”

‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान सैफ अली खान की बेगम ने यह भी कहा था कि अगर फिल्म अच्छी होगी तो इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी और ये सभी उम्मीदों के पार चली जाएगी। उन्होंने कहा था कि बॉयकॉट जैसी चीजों का अच्छी फिल्म पर असर नहीं पड़ता और वह इसे गंभीरता से भी नहीं लेती हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स अभिनेत्री की यह बात अभी तक नहीं भूलें। इसलिए उन्होंने उनके दोनों बयानों का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “‘तो मत देखो ना’ से ‘हम आपका मनोरंजन कैसे करेंगे’ तक करीना कपूर का सफर। बॉलीवुड लोगों का मनोरंजन नहीं कर रहा है, बल्कि यह भाई-भतीजावाद, हिंदू धर्म को बदनाम करना, लैंगिक असमानता, ड्रग्स, अहंकार से ज्यादा अब कुछ नहीं है।”

एक यूजर ने सवाल किया, “दर्शकों के बिना काम के बारे में क्या? दर्शकों के बिना स्टार के स्टेटस के बारे में क्या? दर्शकों के बिना आप जिस भव्य जीवन शैली का आनंद लेते हैं, उसके बारे में क्या? दर्शक आपके बिना जीवित रह सकते हैं, लेकिन आप दर्शकों के बिना जीवित नहीं रह सकते।”

एक अन्य यूजर लिखता है कि सुर बदल गए आँटी के.. पर मकसद नहीं भूलना है दोस्तों। #BoycottBollywoodForever जब तक SSR को न्याय नहीं मिल जाता।

ट्विटर पर @delhichatter नाम के यूजर ने लिखा कि हर साल बच्चे पैदा करके बस सैफ का एंटरनमेंट हो रहा हमारा नहीं।

अविनाश पाटिल लिखते हैं कि एंटरटेनमेंट के लिए बॉलीवुड ही क्यों चाहिए, हम मराठी फिल्में, टॉलीवुड फिल्में, हॉलीवुड फिल्में भी देख सकते हैं।

एक अन्य ने लिखा कि अगर फालतू फिल्में नहीं होतीं तो हमारे पास नाटक, राम कथा, भजन, भरतनाट्यम या शास्त्रीय नृत्य के कार्यक्रम अधिक होते थे।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के बाद से ही लगातार बॉलीवुड फिल्मों पर प्रतिबंध और उनके बायकॉट करने की माँग चल रही है। लोगों में बॉलीवुड के बड़े स्टार्स को लेकर काफी गुस्सा देखा गया। यही कारण है कि सलमान खान, अक्षय कुमार से लेकर आमिर खान समेत कई बड़े स्टार्स की फिल्में बॉयकॉट ट्रेड की बलि चढ़ चुकी हैं। इन दिनों शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ को भी बॉयकॉट करने की माँग की जा रही है।

फिल्म के गाने ‘बेशरम रंग’ के रिलीज होने के बाद से ही फिल्म विवादों में है। इसमें दीपिका पादुकोण के भगवा बिकिनी पहनने पर इसका विरोध किया गया। हिंदू संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बॉलीवुड पर फिल्मों के जरिए सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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