Wednesday, April 14, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन कंगना के समर्थन में आईं नामी हस्तियाँ: छोटे पर्दे, बॉलीवुड, पत्रकारों से लेकर राजनेता...

कंगना के समर्थन में आईं नामी हस्तियाँ: छोटे पर्दे, बॉलीवुड, पत्रकारों से लेकर राजनेता भी उठा रहे आवाज

समाचार चैनल 'आज तक' के पत्रकार रोहित सरदाना बीएमसी की इस कार्रवाई पर कहते हैं, "फ़ासिज़्म-फ़ासिज़्म चिल्लाने वाले अब कहाँ घुस गए? असली फ़ासिज़्म देख के साँप सूँघ गया क्या?"

कंगना रनौत की संपत्ति पर बीएमसी की कार्रवाई ने महाराष्ट्र सरकार को एक बार फिर सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। ट्विटर पर लोग लगातार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को टैग कर कर पूछ रहे हैं कि ये सब आखिर कितना उचित था? राजनीति से लेकर बॉलीवुड से जुड़े कई मशहूर नाम BMC की इस ‘गुंडागर्दी’ की खुल कर आलोचना कर रहे हैं।

बॉलीवुड कलाकार अनुपम खेर ने इस कार्रवाई को बिलकुल गलत बताया है। उन्होंने लिखा, “ग़लत ग़लत ग़लत है!! इसको bulldozer नहीं #Bullydozer कहते हैं। किसी का घरोंदा इस बेरहमी से तोड़ना बिल्कुल ग़लत है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव या प्रहार कंगना के घर पर नहीं बल्कि मुंबई की ज़मीन और ज़मीर पर हुआ है। अफ़सोस अफ़सोस अफ़सोस है।”

वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस ने वीडियो जारी कर इस कदम का विरोध किया है और कहा है कि ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि अपने खिलाफ बात करने वालों को हम रास्ते में रोक के मारेंगे और ऐसा सरकार के समर्थन से होगा, ऐसा महारष्ट्र के इतिहास में कभी भी नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के इस कार्रवाई के कारण महाराष्ट्र का देश में अपमान हो रहा है।

वह कहते हैं, “अगर अवैध निर्माण है तो जरूर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सबके साथ ये कार्रवाई होती तो सही कार्रवाई होती। किसी ने जब आपके ख़िलाफ़ बात कही तब जो आप कार्रवाई करते हो तो ये कायरता है, बदले की भावना है और महाराष्ट्र में इस प्रकार की भावना का कोई सम्मान नहीं हो सकता।”

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय लिखते हैं, “कोरोना प्रबंधन में ऐसे रिकॉर्ड होने के बावजूद शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस का गठबंधन सोचता है कि उनके लिए कंगना रनौत के कार्यालय को ध्वस्त करना सबसे पहली प्राथमिकता है। राज्य मिशनरी का इस तरह का दुरुपयोग सिर्फ़ इसलिए हो रहा है कि क्योंकि एक महिला के पास अपना दिमाग है और वो बोलने से डरती नहीं है। “

छोटे पर्दे की मशहूर कलाकार देवोलीना उर्फ गोपी बहू ने भी कंगना के साथ हुई घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा, “एक जाना-पहचाना चेहरा होने के चलते, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कोई अवैध निर्माण किया होगा और उन्होंने ये भी कहा है कि उनके पास बीएमसी द्वारा दी गई परमीशन के सबूत भी हैं। ऐसे में उनके मुंबई पहुँचने और कागजात दिखाने से पहले बिल्डिंग गिराना, सही नहीं है। मुझे लगता है कि उन्हें इंतजार करना चाहिए था और उन्हें एक अल्टीमेटम देना चाहिए था, अगर कुछ गलता था और उसे फिक्स किया जाना था तो लेकिन उनकी अनुपस्थिति में ऑफिस का तोड़ा जाना गलता है।”

देवोलीना का कहना है, “ये उनके द्वारा किया गया बहुत अजीब काम है और मैं इसे बिल्कुल सपोर्ट नहीं करती हूँ। अगर कुछ मौखिक रूप से शुरू हुआ है तो उन्हें इस पर मौखिक रूप से ही जवाब देना चाहिए था।”

इसी तरह न्यूज नेशन के एंकर दीपक चौरसिया लिखते हैं, “वो लोग जो दिनभर फ़ासीवाद और तानाशाही का राग अलापते रहते हैं, उन्हें महाराष्ट्र सरकार के फ़ैसले पर फ़ासीवाद नहीं दिख रहा है। कंगना रनौत के घर पर बुलडोजर चलना मतलब एक महिला से डरकर पूरी सरकार हिल रही है।”

समाचार चैनल ‘आज तक’ के पत्रकार रोहित सरदाना बीएमसी की इस कार्रवाई पर कहते हैं, “फ़ासिज़्म-फ़ासिज़्म चिल्लाने वाले अब कहाँ घुस गए? असली फ़ासिज़्म देख के साँप सूँघ गया क्या?”

बता दें, आज मुंबई पहुँचने के बाद कंगना ने अपने ट्विटर पर कुछ वीडियोज साझा की है। इन वीडियोज में हम देख सकते हैं बीएमसी ने उनके कार्यालय के भीतर किस तरह तोड़फोड़ मचाई है। हर जगह सामान टूटे पड़े हैं। दीवारें गिरी हुई हैं। शीशे चकनाचूर हैं। तारें भी काट दी गई हैं। ऐसे में उन्होंने उद्धव ठाकरे को संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा:

“उद्धव ठाकरे, तुझे क्या लगता है, तूने फिल्म माफिया के साथ मिल कर मेरा घर तोड़ कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है। आज मेरा घर टूटा है। कल तेरा घमंड टूटेगा। ये वक्त का पहिया है। याद रखना हमेशा एक जैसा नहीं रहता। मुझे लगता है तुमने मुझपर बहुत बड़ा एहसान किया है। क्योंकि मुझे पता तो था कि कश्मीरी पंडितों पे क्या बीती होगी, लेकिन आज मैंने महसूस किया है। और आज मैं इस देश को वचन देती हूँ कि मैं सिर्फ़ अयोध्या पर ही नहीं कश्मीरी पंडितों पर भी एक फिल्म बनाऊँगी। मैं अपने देशवासियों को जगाऊँगी क्योंकि मुझे पता था हमारा साथ होगा तो होगा। लेकिन ये मेरे साथ हुआ है। इसका कोई मतलब है इसके कोई मायने हैं और उद्धव ठाकरे ये जो क्रूरता और आतंक है। अच्छा हुआ ये मेरे साथ हुआ क्योंकि इसके कुछ मायने हैं। जय हिंद! जय महाराष्ट्र!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उद्धव ठाकरे ने लगाई कल रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उन्हें बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

दिल्ली में नवरात्र से पहले माँ दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त, सड़क पर उतरे लोग: VHP ने पुलिस को चेताया

असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ मचाई, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe