Saturday, July 13, 2024
Homeविविध विषयमनोरंजनआदिवासी लोकगायिका बनीं बेस्ट सिंगर, मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: नंचम्मा ने खुद ही लिखा...

आदिवासी लोकगायिका बनीं बेस्ट सिंगर, मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: नंचम्मा ने खुद ही लिखा और गाया… दुर्लभ उपलब्धि से रचा इतिहास

“आमतौर पर लोक-गायन को मुख्यधारा के सिनेमा में जगह नहीं मिलती है। यह वाकई में एक दुर्लभ उपलब्धि है।"

गायिका नंचम्मा (Nanchamma) ने फिल्म ‘अयप्पनम कोशियुम’ के लिए 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का अवार्ड जीता है। वह केरल के एक आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। भारतीय लोक गायिका नंचम्मा ने एक्शन एंटरटेनर ‘अय्यप्पनम कोशियुम’ में ‘कलक्कथा’ गाना गाकर मलयाली दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस गाने के लिए उन्होंने काफी सराहना बटोरी थी।

यह गीत खुद नंचम्मा ने इरुला भाषा में लिखा था और सची द्वारा निर्देशित फिल्म के लिए जेक बिजॉय ने कंपोज किया था। नंचम्मा को इससे पहले फिल्म ‘अयप्पनम कोशियुम’ के लिए वर्ष 2020 के केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में एक विशेष पुरस्कार मिला था।

नंचम्मा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मैं पुरस्कार जीतकर काफी खुश हूँ, लेकिन यह बेहद दुख की बात है कि वह (फिल्म निर्देशक सची) यह खबर सुनने के लिए हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने ही मुझे गाने के लिए कहा था और मैंने गाया।”

बता दें कि नंचम्मा, सची के निर्देशन वाली फिल्म में कन्नम्मा की माँ के किरदार के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। इस फिल्म में वह अभिनेता बीजू मेनन द्वारा निभाए गए किरदार अय्यप्पन नायर की पत्नी बनी थीं। बीजू मेनन ने ‘अय्यप्पनम कोशियुम’ फिल्म के लिए 68 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीता है।

‘अय्यप्पनम कोशियुम’ फिल्म को चार पुरस्कार मिले हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (सची), सहायक अभिनेता (बीजू मेनन), महिला पार्श्व गायिका (नंचम्मा) और स्टंट कोरियोग्राफी- थिंकलाज़्चा निश्चयम का नाम शामिल है।

सेना हेगड़े की छोटे बजट की यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज़ हुई थी और दर्शकों को काफी पसंद आई थी। इसे सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म का पुरस्कार मिला है। हेगड़े ने इसके लिए दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने TNIE से बात करते हुए कहा, “मैं दर्शकों की तरफ से मिल रही प्रतिक्रिया से बेहद खुश हूँ और और अब राष्ट्रीय स्तर पर हमें जो शानदार स्वागत मिल रहा है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूँ।”

फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने नंचम्मा को मिले पुरस्कार पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आमतौर पर लोक-गायन को मुख्यधारा के सिनेमा में जगह नहीं मिलती है। यह वाकई में एक दुर्लभ उपलब्धि है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

तिब्बत को संरक्षण देने के लिए अमेरिका ने बनाया कानून, चीन से दो टूक – दलाई लामा से बात करो: जानिए क्या है उस...

14वें दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आ गये, जहाँ उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित सरकार स्थापित की थी।

बिहार में निर्दलीय शंकर सिंह ने जदयू-राजद को हराया, बंगाल में 25 साल की मधुपूर्णा बनीं MLA, हिमाचल में CM सुक्खू की पत्नी जीतीं:...

उप-मुख्यमंत्री व भाजपा नेता विजय सिन्हा ने कहा कि शंकर सिंह भी हमलोग से ही जुड़े हुए उम्मीदवार थे। 'नॉर्थ बिहार लिबरेशन आर्मी' के थे मुखिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -