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‘लता मंगेशकर ने किया था The Kashmir Files में गाने का वादा, लेकिन…’: निर्देशक ने बताया, फिल्म ने कमाए ₹210 करोड़

बकौल विवेक अग्निहोत्री, लता दीदी ने पल्लवी जोशी से वादा किया था कि कोरोना की लहर ख़त्म होते ही वो इस फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड करेंगी। लेकिन, होनी को कुछ और ही मंजूर था और वो हमें छोड़ कर चली गईं।

क्या आपको पता है कि सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर भी ‘The Kashmir Files’ फिल्म में गाना गाने वाली थीं? ये खुलासा खुद निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने किया है। उन्होंने बताया कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के अंदर एक भी गाना नहीं है, क्योंकि ये एक त्रासदी की कहानी है और न सिर्फ एक ऐतिहासिक ड्रामा है, बल्कि नरसंहार के पीड़ितों को एक श्रद्धांजलि भी है। निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने एक कश्मीरी गायिका से स्थानीय लोकगीत को रिकॉर्ड कराया था।

विवेक अग्निहोत्री बताते हैं कि उनकी बड़ी इच्छा थी कि भारत की स्वर कोकिला कही जाने वाले लता मंगेशकर इस गाने को गाएँ। हालाँकि, तब तक लता मंगेशकर ने फिल्मों में गाने से दूरी बना ली थी और रिटायर हो गई थीं। बता दें कि उनका गायन करियर आठ दशकों का रहा था, जिसमें कई पीढ़ियों का मनोरंजन हुआ। ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्देशक-निर्माता ने लता दीदी से आग्रह किया कि वो इस फिल्म में एक गाना गाएँ।

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने TOI से बात करते हुए बताया कि उनकी पत्नी अभिनेत्री पल्लवी जोशी के लता मंगेशकर के करीबी रिश्ते रहे हैं और उनके आग्रह के बाद वो मान भी गई थीं। पल्लवी जोशी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ में एक वामपंथी प्रोफेसर राधिका मेनन का किरदार निभाया है। साथ ही वो फिल्म के निर्माताओं में से भी एक हैं। बकौल विवेक अग्निहोत्री, लता दीदी ने पल्लवी जोशी से वादा किया था कि कोरोना की लहर ख़त्म होते ही वो इस फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड करेंगी।

उन्होंने ये भी बताया कि कश्मीर दिवंगत लता मंगेशकर के दिल के काफी करीब था। बता दें कि भारत की सुर साम्राज्ञी का 6 फरवरी, 2022 को निधन हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके अंतिम दर्शन के लिए मुंबई पहुँचे थे। लता मंगेशकर को उम्र के उस पड़ाव में स्टूडियोज में जाने की सलाह नहीं थी, ऐसे में ‘द कश्मीर फाइल्स’ की टीम सब कुछ ठीक होने का इंतजार कर रही थी। लेकिन, उससे पहले उनका निधन हो गया।

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि लता मंगेशकर जैसी हस्ती के साथ काम करने का उनका सपना, सपना ही रह गया। बता दें कि नब्बे के दशक में इस्लामी कट्टरवादियों द्वारा कश्मीर की घाटी में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और उनके पलायन को दर्शाती फिल्म ने 11 दिनों में दुनिया भर में 206 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। भारत में भी इस फिल्म ने 180 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ रिलीज हुई प्रभास की ‘राधे श्याम’ और एक हफ्ते बाद आई अक्षय कुमार की ‘बच्चन पांडेय’ इसकी आँधी में पिट गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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