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YouTube पर वापस लौटा मनोज मुन्तशिर का ‘आप किसके वंशज हैं’ Video, मुगल बर्बरता सामने आने से चिढ़ गए थे वामपंथी-कट्टरपंथी

"आपने साबित कर दिया कि संगठन में शक्ति है और सच परेशान हो सकता है पराजित नहीं! इतनी भारी तादाद में आपने You Tube की तानाशाही के विरुद्ध आवाज़ उठायी, कि #AapKiskeVanshajHain को बे-वजह ब्लॉक करने के बाद,You Tube बे-शर्त वापस करने के लिए मजबूर हो गया।"

संगठन में शक्ति होती है ये आप सबने सुना और देखा है जब तब ये बात साबित भी होती रहती है। अभी एक बार फिर यह वाकया सच साबित हुआ है कवि-गीतकार मनोज मुन्तशिर के बहुचर्चित वीडियो ‘आप किसके वंशज है?’ के यू ट्यूब पर वापस आने के साथ। जिसे वामपंथी लिबरल गिरोह और कट्टरपंथियों द्वारा भारी रिपोर्टिंग और कई अन्य कारणों की वजह से यू-ट्यूब ने ‘कॉपीराइट’ का हवाला देते हुए अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। जिसका लोगों ने मुखर स्वर में सोशल मीडिया के सभी माध्यमों पर विरोध किया, साथ ही मुन्तशिर ने भी यू-ट्यूब के इस एक्शन को चुनौती दी थी।

वहीं अब जब यह वीडियो You Tube पर वापस आ गया है तो लोगों को इसकी सूचना देते हुए मनोज मुन्तशिर ने ट्वीट किया, “आपने साबित कर दिया कि संगठन में शक्ति है और सच परेशान हो सकता है पराजित नहीं! इतनी भारी तादाद में आपने You Tube की तानाशाही के विरुद्ध आवाज़ उठायी, कि #AapKiskeVanshajHain को बे-वजह ब्लॉक करने के बाद,You Tube बे-शर्त वापस करने के लिए मजबूर हो गया।”

पूरा मामला ये है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया यूट्यूब ने कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर के ‘आप किसके वंशज हैं?’ वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म पर से हटा दिया था, जिसमें उन्होंने मुगल बर्बरता का खुलासा किया था और बताया कि कैसे हम भारतीयों ने अपनी विरासत के साथ हुई छेड़छाड़ को आसानी से स्वीकार कर लिया। हालाँकि, इस वीडियो को हटाने के पीछे कॉपीराइट का आरोप लगाया गया था। मनोज मुंतशिर ने इस आरोप को आधारहीन बताते हुए इसे सही साबित करने की चुनौती दी थी।

एक यूजर द्वारा इस वीडियो के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने 9 सितम्बर 2021 को किए ट्वीट में कहा, “कुछ लोगों को चुभने वाली आवाज को नुकसान पहुँचाना कोई नई प्रथा नहीं है। इसकी पहुँच को कम करने के लिए ‘आप किस वंशज हैं’ के खिलाफ एक निराधार कॉपीराइट दावा किया जाता है। हमने दावे को चुनौती दी है। वीडियो जल्द वापस आना चाहिए। समर्थन के लिए आप सभी को धन्यवाद।”

जिसके बाद से ही हिन्दुओं सहित वे सभी जो उनके इस ऐतिहासिक वीडियो से सहमत थे मुखर विरोध पर उतर आए और यू ट्यूब सहित लिबरल गैंग को एक बार फिर हिन्दुओं की जागरूकता और संगठनात्मक शक्ति के आगे मुँह की खानी पड़ी।

बता दें कि कवि मनोज मुंतशिर ने अपने उक्त वीडियो में मुगल बर्बरता का खुलासा किया है, जिसके बाद से उन्हें लिबरलों, इस्लामियों और वामपंथी ‘इतिहासकारों’ के नफरतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस पोस्ट में उन्होंने वीडियो को प्रमोट किया, उस पर भी काफी सारे अभद्र कमेंट्स किए गए। इतना ही नहीं, ‘इतिहासकार’ इरफान हबीब, तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक और आरजे फहद उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीयों के खिलाफ मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता के बारे में बोलने पर कवि मनोज को खारिज किया।

कवि द्वारा शेयर किए गए वीडियो की एक क्लिप में वह यह पूछते हुए दिखाई दे रहे थे कि हम भारतीय अपनी विरासत की विकृति को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने पूछा कि हजारों भारतीयों को मारने वाले आक्रमणकारियों और लुटेरों को नायक के रूप में कैसे दिखाया जा सकता है। उन्होंने मुगलों की ‘महिमामंडित डकैतों’ (‘glorified dacoits’) के रूप में आलोचना की। उन्होंने लोगों से अपनी विरासत को पहचानने और बर्बर एवं लुटेरों को नायकों के रूप में महिमामंडित करने से बचने के लिए कहा।

ये रहा पूरा वीडियो:

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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