Homeविविध विषयमनोरंजनक्या क़ानून से ऊपर हैं तीनों खान, इनके दुबई कनेक्शन की जाँच क्यों नहीं:...

क्या क़ानून से ऊपर हैं तीनों खान, इनके दुबई कनेक्शन की जाँच क्यों नहीं: सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुशांत की मौत पर उठाए सवाल

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में सीबीआई जाँच के लिए भी आवाज़ उठाई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने माँग की गई कि तीनों खानों की संपत्ति की जाँच की जाए। बॉलीवुड के तीन बाहुबली सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान सुशांत सिंह राजपूत के कथित आत्महत्या मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?

भाजपा के राज्यसभाः सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बॉलीवुड के तीनों खान पर करारा हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या ये क़ानून से ऊपर हैं जो कनेक्शन की जाँच नहीं की जा रही है? सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या पर भी शक जताते हुए अधिवक्ता ईशकरण भंडारी से कहा है कि वो इस मामले में कोर्ट जाने के विकल्पों को देखें। बता दें कि तीनों खान पहले से ही जनता की आलोचना का सामना कर रहे हैं।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में सीबीआई जाँच के लिए भी आवाज़ उठाई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने माँग की गई कि तीनों खानों की संपत्ति की जाँच की जाए। स्वामी ने सवाल उठाया कि बॉलीवुड के तीन बाहुबली सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान सुशांत सिंह राजपूत के कथित आत्महत्या मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? उन्होंने विदेश, खासकर दुबई में उनकी सम्पत्तियों की जाँच के लिए भी आवाज़ उठाई।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्विटर पर पूछा, “किसने उन्हें बँगले गिफ्ट किए? कैसे उन्होंने इतनी बड़ी संपत्ति खरीदी? प्रवर्तन निदेशालय की एसआईटी, आईटी और सीबीआई द्वारा इसकी जाँच की जानी चाहिए। क्या तीनों खान कानून से ऊपर हैं?” इससे पहले उन्होंने अधिवक्ता भंडारी को सुशांत सिंह राजपूत मामले में तथ्यों की जाँच कर के सीबीआई जाँच की गुंजाइश पर विचार करने को कहा था।

बता दें कि शेखर सुमन ने स्पष्ट कहा था कि उन्हें इस बता पर यकीन नहीं है कि सुशांत सिंह राजपूत जैसा मजबूत इरादों वाला और प्रतिभाशाली व्यक्ति आत्महत्या कर सकता है। उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा होता तो वो कोई न कोई सुसाइड नोट ज़रूर छोड़ जाते। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के मामले में सीबीआई जाँच के लिए दबाव बनाने हेतु ‘जस्टिस फॉर सुशांत फोरम’ की स्थापना की है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य है तानाशाही और गुटबाजी ख़त्म करना और माफियाओं पर लगाम लगाना।

बता दें कि अभिनेत्री कंगना रनौत और रवीना टंडन के अलावा निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप ने भी बॉलीवुड में गुटबाजी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। बकौल अभिनव, वो लोग ऐसे सफेदपोश हैं जिनके सभी से अच्छे सम्बन्ध हैं और इस खेल में सभी शामिल हैं। उनकी थ्योरी है- “हमाम में सब नंगे हैं, जो नहीं हैं, उनको नंगा करो क्योंकि अगर एक भी पकड़ा गया तो सभी पकड़े जाएँगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -