Monday, March 8, 2021
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सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने कभी नहीं कहा आत्महत्या है, मुंबई पुलिस ने मराठी में लिखे बयान पर जबरन करवाए हस्ताक्षर: वकील

सुशांत के परिवार को इस बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए भी मजबूर किया गया था, जबकि परिवार को इसकी कोई भी जानकारी नहीं थी कि इसमें मराठी में क्या लिखा गया। सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि सुशांत सिंह की कोई बीमा पॉलिसी नहीं थी और उनके परिवार पर लगाए गए आरोप बेहद अपमानजनक हैं।

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयान के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह के परिवार से बयान जबरन मराठी भाषा में रिकॉर्ड करवाया गया, जिस कारण परिवार ने इस पर आपत्ति भी जताई। गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर मुंबई पुलिस की विश्वसनीयता पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं।

उन्हें कथित तौर पर इस बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए भी मजबूर किया गया था, जबकि परिवार को इसकी कोई भी जानकारी नहीं थी कि इसमें मराठी में क्या लिखा गया। सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि सुशांत सिंह की कोई बीमा पॉलिसी नहीं थी और उनके परिवार पर लगाए गए आरोप बेहद अपमानजनक हैं।

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील, विकास सिंह ने अपने नवीनतम संवाददाता सम्मेलन में उन सभी बातों का खंडन किया है जिनमें यह कहा जा रहा था कि सुशांत सिंह के परिवार को उनके कथित मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी थी। उनके अनुसार, सुशांत के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में उनके परिवार के लोगों को जानकारी होने जैसी बातें फैलाई गई हैं।

दरअसल, इस बात को लेकर जबरदस्त बहस हो रही है कि सुशांत सिंह के मर्डर का दावा कर रहा परिवार उनकी आत्महत्या की बात मुंबई पुलिस को दिए बयान में स्वीकार कर चुकी है। इस विवाद पर सुशांत सिंह के परिवार के वकील विकास सिंह ने परिवार की ओर से इन खबरों से इनकार करते हुए मुंबई पुलिस पर यह आरोप लगाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि परिवार ने कभी ऐसा स्टेटमेंट नहीं दिया है कि सुशांत ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि ये स्टेटमेंट मुंबई पुलिस ने मराठी में रिकॉर्ड किए थे और परिवार ने इस पर आपत्ति भी जताई थी कि अगर वो परिवार से इस पर हस्ताक्षर करवा रहे हैं तो कृपया मराठी में मत लिखें। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनसे जबरदस्ती मराठी में लिखे बयान पर साइन करवाया गया और उन्हें नहीं पता था कि क्या लिखा गया है।

उन्होंने आगे कहा, “ये बयान सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को पढ़कर नहीं सुनाए गए। वो सिर्फ मराठी में लिखे गए थे। किसी को पढ़कर भी नहीं सुनाए गए। अगर आप मराठी में पढ़कर सुनाएँगे भी तो सामने वाले को जो मराठी नहीं जानता है, वही बताएँगे, जो आप सुनाना चाहते हैं। वो कैसे चेक करेगा क्या लिखा हुआ है। ये एक सिंपल सा लॉजिक है।”

वकील विकास सिंह का यह भी दावा है कि FIR में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह रिया चक्रवर्ती ही थी, जो दिवंगत अभिनेता की समस्याओं के लिए जिम्मेदार थी। कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि अभिनेत्री ने उन्हें जो भी दवाइयाँ दीं या डॉक्टर से सलाह ली, उनका कभी भी परिवार के सामने खुलासा नहीं किया गया।

इसके अलावा, उनका कहना है कि जो पर्चे उनके साथ साझा किए गए थे, उनमें कभी किसी तरह की बीमारी का जिक्र नहीं था। केवल कुछ दवाओं के नाम ही उन पर लिखे गए थे। वकील के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत 8 जून की पोस्ट पर काफी डरे हुए थे, जिसके बारे में उन्होंने अपनी बहन को भी बताया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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