Homeविविध विषयमनोरंजनसस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर:...

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath नाम के हैंडल से चलता है। यह दूसरों के अकाउंट को सस्पेंड करवाता है। मतलब एक तरह से सुशांत सिंह का यह अकाउंट चुगली करने वाला अकाउंट है।

एक टीवी एक्टर हैं, नाम है सुशांत सिंह। कभी-कभी बॉलीवुड फिल्मों में भी छोटे-मोटे रोल में दिख जाते हैं। दिल्ली दंगों, जामिया बवाल और अब ‘किसान’ आंदोलन में भी ये सक्रिय पाए जाते रहे हैं। खबर यह है कि इनका एक ट्रोल अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है।

वैसे यह कोई खबर होती नहीं। ट्रोल अकाउंट किसी का भी सस्पेंड किया जा सकता है। खबर इसलिए भी नहीं होती क्योंकि ये एक्टर हैं। लेकिन यह खबर है क्योंकि जिस ट्रोल अकाउंट को सस्पेंड किया गया है, वो अकाउंट अपने आप में विवादास्पद था।

सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath नाम के हैंडल से चलता था। यह हैंडल विवादास्पद इस मायने में था कि यह दूसरों के अकाउंट को सस्पेंड करवाता था। मतलब एक तरह से सुशांत सिंह का यह अकाउंट चुगली करने वाला अकाउंट था। दूसरों के अकाउंट के बारे में शिकायत-चुगली करके उन्हें सस्पेंड करवाता था।

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ। दूसरों के अकाउंट सस्पेंड करवाते-करवाते आज वो खुद सस्पेंड हो गया।

एक कहानी और। खबर बिल्कुल ऐसी ही। गणतंत्र दिवस के दौरान आंदोलन की आड़ में किए गए दंगों के बाद ट्विटर इंडिया ने कई अकाउंट सस्पेंड किए थे। सुशांत सिंह का ओरिजनल अकाउंट भी उसमें था। तब एक आंदोलनकारी की मौत को लेकर इन्होंने फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी।

अपडेट: सुशांत सिंह के ट्रोल अकाउंट @TeamSaath को लिबरलों की चिल्लम-पों के बाद फिर से रिस्टोर कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -