Homeरिपोर्टमीडियासंजुक्ता, सुशांत सिंह, किसान एकता मोर्चा... वे प्रोपेगेंडाबाज ट्विटर हैंडल जिन पर कसा शिकंजा

संजुक्ता, सुशांत सिंह, किसान एकता मोर्चा… वे प्रोपेगेंडाबाज ट्विटर हैंडल जिन पर कसा शिकंजा

गणतंत्र दिवस के दौरान आंदोलन की आड़ में किए गए दंगों के बाद ट्विटर इंडिया ने यह कार्रवाई की है। 'द कारवाँ इंडिया’ ने एक आंदोलनकारी की मौत को लेकर फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी।

ट्विटर इंडिया ने गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए दंगों के बाद उठी क़ानूनी माँग को मद्देनज़र में रखते हुए कई ट्विटर एकाउंट्स पर रोक लगा दी है। इसमें सबसे चर्चित है घनघोर वामपंथी मीडिया समूह/पोर्टल ‘द कारवाँ इंडिया’ के हैंडल पर लगाई गई रोक। इसके अलावा भी कई ट्विटर अकाउंट पर कार्रवाई हुई है। 

द कारवाँ के ट्विटर अकाउंट पर रोक

अभिनेता सुशांत सिंह के ट्विटर अकाउंट पर रोक लगाई गई है, जिसका यूज़रनेम Sushant_Says है। 

imMAK02 नाम के ट्विटर यूज़र पर भी कार्रवाई हुई है। 

‘ट्राइबल आर्मी’ (tribal army) के संस्थापक हंसराज मीणा के ट्विटर अकाउंट पर भी रोक लगाई गई है।

Aartic02 नाम का ट्विटर अकाउंट भी कार्रवाई के दायरे में आया है। 

सलीम डॉट कामरेड (Salimdotcomrade) नाम के ट्विटर अकाउंट पर भी रोक लगाई गई है।

‘ट्रेक्टर 2 ट्विटर’ (Tractor2Twitter) अकाउंट पर भी रोक लगाई गई। 

राहुल गाँधी की प्रचंड समर्थक संजुक्ता के अकाउंट पर भी रोक लगाई गई है। 

संजुक्ता के एकाउंट पर रोक

इसके अलावा किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट पर भी कार्रवाई हुई है। 

गणतंत्र दिवस के दौरान आंदोलन की आड़ में किए गए दंगों के बाद ट्विटर इंडिया ने यह कार्रवाई की है। ‘द कारवाँ इंडिया’ ने एक आंदोलनकारी की मौत को लेकर फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी। असल में आंदोलनकारी की मौत दुर्घटना में हुई थी, जबकि दावा यह किया जा रहा था कि उसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।   

   

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -