विवेक ओबेरॉय ने कहा- नहीं है BJP से कोई संबंध, सांसद बनने का ऑफ़र ठुकरा चुका हूँ

विवेक ने राजनीति में आने के संदेहों को दूर करते हुए कहा कि वो एक फ़िल्ममेकर हैं, राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हालाँकि, वो पीएम नरेंद्र मोदी फ़िल्म की रिलीज़ टलने से काफ़ी दुखी हैं जिसे लेकर वो काफी उत्साहित थे।

बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय अपनी फ़िल्म पीएम नरेंद्र मोदी की रिलीज को लेकर आए दिन चर्चा में घिरे रहते हैं। इन चर्चाओं का राजनीतिक रूप ले लेना कोई नई बात नहीं हैं। कभी उनके पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जाते हैं तो कभी चुनाव प्रचार करने की ख़बरें रफ़्तार पकड़ती दिखती हैं।

फ़िलहाल, नई बात ये है कि विवेक ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए यह स्पष्ट किया है कि वो बीजेपी पार्टी से संबंधित नहीं हैं, उनका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं है और न ही कोई उनका कोई पॉलिटिकल एजेंडा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें राजनीति में आना ही होता तो वो 5 बार मिले ऑफ़र को स्वीकार कर सांसद का टिकट ले लेते।  

विवेक ने राजनीति में आने के संदेहों को दूर करते हुए कहा कि वो एक फ़िल्ममेकर हैं, राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हालाँकि, वो पीएम मोदी फ़िल्म की रिलीज़ टलने से काफ़ी दुखी हैं जिसे लेकर वो काफी उत्साहित थे। डेढ़ साल में बनकर तैयार होने वाली इस फ़िल्म से विवेक को काफ़ी उम्मीदें थी, लेकिन रिलीज के एक दिन पहले रोक लगने से वो आहत हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

मतदाताओं को प्रभावित करने वाले तर्क को वे बेईमानी करार देते हुए कहते हैं कि यदि ऐसा होता तो फिर वोटर्स तो विज्ञापनों, राजनीतिक विचारों और संपादकीय आदि से भी प्रभावित हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार, विवेक को अब यह उम्मीद है कि चुनाव आयोग जल्दी ही इस फ़िल्म को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने देगा। ऐसी उम्मीद उन्हें इसलिए है क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा फ़िल्म देखने के बाद विवेक को आयोग की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। हालाँकि, विवेक ने चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया को शेयर करने से ख़ुद को रोक लिया, लेकिन वो इस प्रतिक्रिया से काफ़ी ख़ुश हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित फ़िल्म पर चुनाव आयोग की रोक लगने के बाद उसका ट्रेलर भी यूट्यूब से हटा दिया गया था। इस फ़िल्म को संदीप सिंह, सुरेश ओबेरॉय और आनंद पंडित ने प्रोड्यूस किया है वहीं फ़िल्म का निर्देशन ओमंग कुमार ने किया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

ये पढ़ना का भूलें

लिबरल गिरोह दोबारा सक्रिय, EVM पर लगातार फैला रहा है अफवाह, EC दे रही करारा जवाब

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ओपी राजभर

इतना सीधा नहीं है ओपी राजभर को हटाने के पीछे का गणित, समझें शाह के व्यूह की तिलिस्मी संरचना

ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
उपेंद्र कुशवाहा

‘सड़कों पर बहेगा खून अगर मनमुताबिक चुनाव परिणाम न आए, समर्थक हथियार उठाने को तैयार’

एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
राशिद अल्वी

EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"
पुण्य प्रसून वाजपेयी

20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को 35+ सीटें: ‘क्रन्तिकारी’ पत्रकार का क्रन्तिकारी Exit Poll

ऐसी पार्टी, जो सिर्फ़ 20 सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है, उसे वाजपेयी ने 35 सीटें दे दी है। ऐसा कैसे संभव है? क्या डीएमके द्वारा जीती गई एक सीट को दो या डेढ़ गिना जाएगा? 20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी 35 सीटें कैसे जीत सकती है?

यूट्यूब पर लोग KRK, दीपक कलाल और रवीश को ही देखते हैं और कारण बस एक ही है

रवीश अब अपने दर्शकों से लगभग ब्रेकअप को उतारू प्रेमिका की तरह ब्लॉक करने लगे हैं, वो कहने लगे हैं कि तुम्हारी ही सब गलती थी, तुमने मुझे TRP नहीं दी, तुमने मेरे एजेंडा को प्राथमिकता नहीं माना। जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तब तुम देशभक्त हो गए।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
राहुल गाँधी, बीबीसी

2019 नहीं, अब 2024 में ‘पकेंगे’ राहुल गाँधी: BBC ने अपने ‘लाडले’ की प्रोफाइल में किया बदलाव

इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।
योगेन्द्र यादव

योगेंद्र यादव का दावा: अबकी बार 272 पार, आएगा तो मोदी ही

उन्होंने स्वीकार किया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक का बाद स्थिति बदल गई है। आज की स्थिति में अब बीजेपी बढ़त की ओर आगे बढ़ गई है।
ट्रोल प्रोपेगंडाबाज़ ध्रुव राठी

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

41,313फैंसलाइक करें
7,863फॉलोवर्सफॉलो करें
63,970सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: